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भारत में Diljit Dosanjh की Satluj बैन : 'सतलुज' विवाद: 48 घंटे में OTT से क्यों हटाई गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म? जानिए पूरा मामला

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jul 08, 2026
12:27 PM
'सतलुज' विवाद: 48 घंटे में OTT से क्यों हटाई गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म? जानिए पूरा मामला

पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित यह फिल्म 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्म हटाने के कारणों को लेकर बहस तेज हो गई।

इंस्टाग्राम लाइव में दिलजीत ने क्या कहा?

फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम लाइव के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़े। इस दौरान उन्होंने फिल्म विवाद पर सीधे तौर पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वह अपने जीवन पर एक किताब लिखना चाहते हैं। हालांकि, उनका कहना था कि वह किताब लोगों के सामने उनकी मृत्यु के बाद ही आएगी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी बात को लेकर भी काफी चर्चा हुई।

अनुराग कश्यप ने उठाए सवाल

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने भी फिल्म हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ZEE5 के आधिकारिक बयान का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि किसी भी चीज़ पर प्रतिबंध लगाने से लोगों की उत्सुकता और बढ़ जाती है।उन्होंने लिखा कि वह पहले यह फिल्म देखने की योजना नहीं बना रहे थे, लेकिन अब जानना चाहते हैं कि आखिर इसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।

कुणाल कामरा ने भी किया विरोध

कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबी पोस्ट लिखकर फिल्म का समर्थन किया। उन्होंने पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष और प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी को टैग करते हुए पूछा कि फिल्म 'पंजाब 95' के लिए 127 कट लगाने की सिफारिश क्यों की गई थी।

कामरा ने लिखा कि यदि दस्तावेजी तथ्यों पर आधारित फिल्म भी भारतीय दर्शक नहीं देख सकते, तो जनता को यह जानने का अधिकार है कि इसकी वजह क्या है।

राम गोपाल वर्मा ने भी जताई नाराजगी

फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने भी फिल्म के समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि 'सतलुज' ऐसी फिल्म है जिस पर चर्चा होनी चाहिए, न कि उसे गायब कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि फिल्म के साथ वही व्यवहार न किया जाए, जो जसवंत सिंह खालड़ा के साथ हुआ था।

आखिर फिल्म हटाई क्यों गई?

फिल्म हटाने को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। हालांकि, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, रिलीज के बाद फिल्म के कंटेंट की समीक्षा की गई। बताया जा रहा है कि कुछ दृश्य ऐसे पाए गए जिन्हें भारत-विरोधी नैरेटिव के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी फिल्म को पहले 'पंजाब 95' नाम से सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना थी। उस समय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने 127 कट लगाने की सिफारिश की थी। मेकर्स ने इन कट्स को स्वीकार नहीं किया और फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। बाद में इसका नाम बदलकर 'सतलुज' रखा गया और इसे सीधे OTT पर रिलीज किया गया। रिलीज के दो दिन बाद इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।

कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा?

जसवंत सिंह खालड़ा पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता थे। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और हजारों अज्ञात शवों के अवैध अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को सार्वजनिक किया था। इन मामलों में पंजाब पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगे थे। 1995 में खालड़ा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उनकी लगातार कोशिशों के बाद मामले की सीबीआई जांच हुई और कई पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई।

विवाद अभी भी जारी

फिल्म के हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस लगातार जारी है। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहा है, जबकि दूसरी ओर सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो रही है। फिलहाल फिल्म के दोबारा OTT पर आने या भविष्य की रिलीज को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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