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अल नीनो का संकट : चुनौतियों से निपटने सरकार ने कसी कमर, कम बारिश के बावजूद शिवराज का दावा- हालात नियंत्रण में

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 08, 2026
10:16 AM
चुनौतियों से निपटने सरकार ने कसी कमर, कम बारिश के बावजूद शिवराज का दावा- हालात नियंत्रण में

नई दिल्ली। अल नीनो के संभावित प्रभाव और मानसून की अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने खेती-किसानी को प्रभावित होने से बचाने के लिए व्यापक रणनीति लागू कर दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनौती जरूर है, लेकिन उससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जून में देशभर में 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में बारिश की रफ्तार बढ़ने से स्थिति में सुधार हुआ है और वर्षा की कमी घटकर 24 प्रतिशत रह गई है। हालिया बारिश के कारण कम वर्षा वाले जिलों की संख्या भी 262 से घटकर 178 रह गई है, जिससे खरीफ सीजन को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

13 राज्यों पर विशेष नजर, खरीफ बुवाई बढ़ाने की तैयारी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि जुलाई में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और किसानों को राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि फिलहाल देश में 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 91.95 लाख हेक्टेयर कम है। मानसून में देरी का सबसे अधिक असर सोयाबीन और कपास जैसी फसलों पर पड़ा है। ऐसे में किसानों को कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली मक्का, बाजरा और मूंग जैसी फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है।

अप्रैल से शुरू हुई तैयारी, 80 लाख किसानों तक पहुंची सरकार

शिवराज सिंह चैहान ने बताया कि सरकार ने संभावित संकट को देखते हुए अप्रैल से ही तैयारी शुरू कर दी थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सहयोग से प्रभावित होने वाले जिलों के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर राज्यों को भेजे गए। जून में चलाए गए श्खेत बचाओ अभियानश् के तहत 1.24 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और 80 लाख से ज्यादा किसानों तक सीधा संपर्क स्थापित किया गया।

बीज भंडार, केसीसी और फसल बीमा पर विशेष जोर

कृषि मंत्री ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 1.75 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार तैयार रखा गया है। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) अभियान को भी गति दी गई है। 30 जून तक प्राप्त 1.14 लाख आवेदनों में से 94 हजार से अधिक स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने का अभियान भी जारी है, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

उन्होंने कहा कि अल नीनो की आशंकाओं को देखते हुए अल-नीनो मॉनिटरिंग सेल, क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और नामित अधिकारी लगातार मानसून, बुवाई, फसल और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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