अमरनाथ यात्रा पर खुफिया अलर्ट : आईएसआई बड़ी साजिश को दे सकता है अंजाम, जंगलों में छिपे आतंकियों से संपर्क की कोशिश

नई दिल्ली। आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू-कश्मीर में किसी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर सकती है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। किसी बड़ी आतंकी वारदात की आशंका को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और यात्रा को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पाकिस्तान के भीतर बढ़ रहा दबाव
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि बिगड़ते हालात के बीच ध्यान भटकाने के लिए अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है।
जंगलों में छिपे आतंकियों से संपर्क की कोशिश
एजेंसियों के अनुसार, इंटरसेप्ट किए गए कुछ खुफिया इनपुट से संकेत मिले हैं कि आईएसआई जम्मू-कश्मीर के जंगलों में सक्रिय आतंकियों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही है। आशंका जताई गई है कि इन्हीं आतंकियों के जरिए अमरनाथ यात्रा के दौरान हमला कराने की योजना बनाई जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकियों को किसी बड़े हमले को अंजाम देने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
संभावित खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूरे यात्रा मार्ग पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरे, आधुनिक डिजिटल स्कैनिंग प्रणाली और निगरानी उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। आतंकवाद रोधी तंत्र को भी पहले से अधिक सक्रिय किया गया है।
पंजाब में भी बढ़ाई गई सतर्कता
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई पिछले कुछ समय से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में अपने नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से दोनों राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान के भीतर बढ़ते असंतोष और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां की सत्ता पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
