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लेटरहेड पर क्या लिखा है, इससे नहीं पड़ता फर्क : इंडो शब्द हटने के विवाद पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान, गोर ने ट्रंप और मोदी की दोस्ती का सुनाया दिलचस्प किस्सा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 30, 2026
10:35 AM
इंडो शब्द हटने के विवाद पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान, गोर ने ट्रंप और मोदी की दोस्ती का सुनाया दिलचस्प किस्सा

नई दिल्ली। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी सैन्य कमान के नाम में बदलाव से रिश्तों की मजबूती तय नहीं होती, बल्कि यह देखना चाहिए कि दोनों देश जमीन पर कितना सहयोग कर रहे हैं। उनका यह बयान इंडो-पैसिफिक कमांड के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है।

लेटरहेड पर क्या लिखा है, इससे फर्क नहीं पड़ता

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मंच के नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि इंडो-पैसिफिक कमांड के नाम में बदलाव को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि किसी लेटरहेड पर क्या लिखा है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। असली मायने इस बात के हैं कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत आज भी दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे अधिक संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है। दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों और सैनिकों के बीच लगातार आदान-प्रदान जारी है और अगले दो सप्ताह में भारतीय नौसेना का एक प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका का दौरा करेगा।

रिश्ते कमजोर होने की बातें केवल भ्रम

अमेरिकी राजदूत ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध कमजोर पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, तकनीक, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे हर क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक माध्यमों पर बैठकर रिश्तों पर सवाल उठाने वालों को वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए, क्योंकि दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

ट्रंप और मोदी की दोस्ती का सुनाया दिलचस्प किस्सा

सर्जियो गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रंप मियामी में एक खेल आयोजन के दौरान मौजूद थे। उसी समय उन्होंने अचानक प्रधानमंत्री मोदी को फोन करने की इच्छा जताई।

गोर ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से कहा कि भारत में उस समय सुबह के छह बजे हैं, लेकिन ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मोदी जाग रहे होंगे, वह मेरी तरह ही हैं। हालांकि कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर के अनुसार, यह घटना दोनों नेताओं के बीच मौजूद विश्वास और मित्रता को दर्शाती है।

आने वाले दो साल होंगे बेहद अहम

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ संबंधों को विशेष महत्व देते हैं और व्यापार, तकनीक, रक्षा तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्ष भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे और इसी अवधि में ऐसे फैसले लिए जाएंगे, जो आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की दिशा तय करेंगे।

गोर ने विश्वास जताया कि भारत और अमेरिका का सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा तथा दोनों देश साझा हितों और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करेंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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