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अल्फांसो की मिठास पर ब्रेक : जापान ने भारतीय आम आयात पर लगाया प्रतिबंध, बांग्लादेश से आम खरीदने की तैयारी, कीट नियंत्रण प्रक्रिया में खामियां

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jun 07, 2026
09:46 AM
जापान ने भारतीय आम आयात पर लगाया प्रतिबंध, बांग्लादेश से आम खरीदने की तैयारी, कीट नियंत्रण प्रक्रिया में खामियां

भारत हर साल दुनिया के कई देशों को बड़ी मात्रा में आम निर्यात करता है। जापान भी भारतीय आमों का एक महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है। खासकर अल्फांसो और केसर आम जापानी उपभोक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन इस बार जापानी अधिकारियों ने भारतीय आमों के निर्यात से जुड़ी फाइटोसैनिटरी यानी कीट नियंत्रण प्रक्रिया में खामियां पाए जाने की बात कही है। बताया गया है कि कुछ खेपों में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। नियमों के मुताबिक निर्यात किए जाने वाले आमों को विशेष पेस्ट कंट्रोल और निरीक्षण प्रक्रिया से गुजरना होता है, ताकि किसी भी प्रकार के कीट या रोग का खतरा दूसरे देश तक न पहुंचे। जापान ने इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को आधार बनाते हुए भारतीय आमों के आयात पर फिलहाल रोक लगा दी है। इससे महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के उन उत्पादकों को नुकसान हो सकता है, जो जापान को आम निर्यात करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैन स्थायी नहीं है। यदि भारतीय एजेंसियां और निर्यातक निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करते हैं और जापानी अधिकारियों की आपत्तियों का समाधान कर देते हैं, तो निर्यात दोबारा शुरू हो सकता है। हालांकि फिलहाल इस फैसले ने आम निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि जापान जैसे प्रीमियम बाजार में भारतीय आमों की अच्छी मांग और ऊंची कीमत मिलती है। जबकि जापान और भारत के बीच हुए समझौते के अनुरूप कुछ ख़ास किस्म के आम बाहर भेजे जाते रहे, इस प्रतिबंध से जापान को निर्यात की जाने वाली भारत की प्रमुख आम किस्में, जैसे अल्फांसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली प्रभावित होंगी। जापानी बाज़ार में यह किस्म लग्ज़री की तरह देखी जाती थी, जिस पर अब अनिश्चित वक्त के लिए विराम लग चुका है. 

भारत आम का सबसे बड़ा उत्पादक

बतादेंकि भारत आम का सबसे बड़ा उत्पादक है. एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीईडीए) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया के कुल आम उत्पादन का लगभग 40 से 45 प्रतिशत पैदा करता है.यहां करीब 1000 किस्म के आम मिलते हैं. इनका बड़ा हिस्सा देश के भीतर ही खप जाता है. भारतीय आमों पर जापान ने यह रोक करीब दो दशक बाद लगाई है। इसके पहले 2006 में जापान ने भारत के आम से प्रतिबंध हटाया था। लेकिन अब एक बार फिर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

बांग्लादेश से जापान आम खरीद सकता है

वहीं भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब जापान ने इसके लिए बांग्लादेश का रुख किया है। जापान ने बांग्लादेश से आम आयात करने में दिलचस्पी दिखाई है। इससे बांग्लादेशी निर्यातकों में उम्मीद जगी है कि उन्हें दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशियाई बाजारों में नए अवसर मिल सकते हैं। मलेशिया ने भी बांग्लादेश से आम खरीदने के लिए संपर्क किया है। आम के आयात पर चर्चा के लिए जून के पहले हफ्ते में एक मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश के दौरे पर आ रहा है।  भारत के आमों की पहचान सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है। ऐसे में जापान का यह फैसला भारतीय आम उद्योग के लिए चेतावनी भी है और अवसर भी... ताकि निर्यात प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके और दुनिया के बाजारों में भारतीय आमों की साख बरकरार रहे।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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