सड़क पर जाम, 50 से अधिक गाड़ियों का काफिला : पीएम मोदी की अपील की अनदेखी करने वाले किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पर गिर गाज, छिनी कुर्सी

भोपाल। मध्यप्रदेश के भिंड में भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के नव-नियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्वालियर से भिंड तक उनके स्वागत में निकले कथित “शक्ति प्रदर्शन” काफिले के बाद प्रदेश संगठन ने कड़ा कदम उठाते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब सज्जन सिंह यादव के भिंड आगमन पर 50 से अधिक वाहनों का लंबा काफिला शहर और आसपास के मार्गों से गुजरा। इस काफिले के चलते कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम नागरिकों को घंटों जाम में फंसे रहकर परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, एंबुलेंस और जरूरी काम से जा रहे वाहन भी ट्रैफिक में अटक गए।
तेजी से वायरल हुआ था घटनाक्रम का वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में भी बहस तेज हो गई। आलोचकों ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग” की अपील के खिलाफ बताया। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हाल के वर्षों में सरकारी और राजनीतिक आयोजनों में अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की है।
सीएम मोहन नेताओं को दे चुके सलाह
इसी तरह मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कई मंचों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री की इन अपीलों का पालन करने की सलाह दे चुके हैं। इसके बावजूद भिंड में हुआ यह आयोजन चर्चा और विवाद का विषय बन गया।
प्रदेश संगठन की ओर से आदेश में कही गई यह बातें
प्रदेश संगठन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ग्वालियर से भिंड तक सैकड़ों वाहनों के साथ रैली का आयोजन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि यह आचरण पार्टी की छवि और दिशा-निर्देशों के विपरीत है तथा इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से नियुक्ति निरस्त की जाती है।
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर संगठन ने अनुशासन का संदेश देने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
