तेज गेंदबाज से बने स्पिन के महारथी : कुबले ने साझा किया करियर से जुड़ा दिलचस्प किस्सा, कोच की टिप्पणी ने बदली दिशा

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में तेज गेंदबाज के तौर पर खेलते थे, लेकिन एक सीनियर खिलाड़ी की टिप्पणी ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।
कुंबले के अनुसार, उनके क्लब क्रिकेट के एक सीनियर खिलाड़ी को उनके गेंदबाजी एक्शन पर शक हुआ था। उन्हें लगा कि वह गेंदबाजी के दौरान कोहनी मोड़ रहे हैं और “चकिंग” कर रहे हैं। उस समय कुंबले मात्र 13-14 साल के थे और उन्हें खुद भी इस बात का अंदाजा नहीं था। इस वजह से उन पर गेंदबाजी रोकने की स्थिति बन गई थी।
भाई की सलाह से शुरू हुआ स्पिन की ओर सफर
कुंबले ने बताया कि कर्नाटक अंडर-15 ट्रायल से पहले उन्होंने अपने भविष्य को लेकर काफी सोच-विचार किया। इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी अपनाने की सलाह दी। उस समय उन्हें लेग स्पिन की तकनीक की ज्यादा जानकारी नहीं थी और न ही उन्हें टेलीविजन पर बड़े स्पिनरों को देखने का मौका मिला था।
उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने बी. एस. चंद्रशेखर का नाम तो सुना था, लेकिन कभी उन्हें खेलते हुए नहीं देखा था। सीमित संसाधनों और बिना किसी औपचारिक कोचिंग के उन्होंने लेग स्पिन की दिशा में कदम बढ़ाया।
बिना कोचिंग के विकसित की अनोखी गेंदबाजी शैली
कुंबले ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्होंने ऑफ-स्पिन ग्रिप से गेंदबाजी करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसे लेग स्पिन में बदल दिया। उस समय उनके साथ कोई विशेषज्ञ कोच नहीं था जो उन्हें सही तकनीक सिखा सके।
उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान उन्होंने खुद ही प्रयोग करते हुए गेंद को टर्न करना सीखा। कुछ ही महीनों की मेहनत के बाद उनका चयन कर्नाटक अंडर-15 टीम में हो गया, जिसने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी।
1990 में डेब्यू से लेकर रिकॉर्ड तोड़ करियर तक
अनिल कुंबले ने 1990 में भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे में डेब्यू किया। इसके बाद 2008 तक चले लंबे करियर में उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार जीतें दिलाईं और बाद में टेस्ट टीम की कप्तानी भी संभाली।
अपने करियर में कुंबले ने 132 टेस्ट मैचों में 619 विकेट और 271 वनडे मैचों में 337 विकेट लिए। वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
दुनिया के महान गेंदबाजों की सूची में भी उनका नाम शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल है। टेस्ट क्रिकेट में भी वह सर्वाधिक सफल गेंदबाजों में चैथे स्थान पर हैं। उनका करियर यह साबित करता है कि सही दिशा और मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
