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MP कांग्रेस का सख्त संदेश : छवि धूमिल करने वाले नेताओं पर होगी कार्यवाही , जिलाध्यक्षों को मिली जिम्मेदारी, नोटिस पर नहीं माने तो फिर होगा एक्शन

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 04, 2026
08:13 AM
छवि धूमिल करने वाले नेताओं पर होगी कार्यवाही , जिलाध्यक्षों को मिली  जिम्मेदारी, नोटिस पर  नहीं माने तो फिर होगा एक्शन

भोपाल। मप्र कांग्रेस की अंदरूनी कलह गाहे-बगाहे खुलकर सामने आती ही रहती है। पार्टी के छोटे से बड़े नेता तक पार्टी के दिग्गज नेताओं पर जहां अपनी भड़ास निकालते हैं। वहीं पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने में गुरेज नहीं करते हैं। कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि पार्टी के सीनियर नेताओं को भी अपने निशाने पर लने से बाज नहीं आते, लेकिन अब इस तरह की बयानबाजी करने वाले नेताओं पर हाईकमान ने सख्त रुख अख्तियार कर कर लिया है। शीर्ष नेतृत्व ने सख्त चेतावनी दी है कि पार्टी की छवि को धूमिल करने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश जारी कर ऐसे लोगों की पहचान कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

जिलाध्यक्षों को सौंपी जिम्मेदारी, तैयार होगी सूची

प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले द्वारा जारी निर्देशों में सभी जिलाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पहचान करें, जो बार-बार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे हैं या संगठन की नीतियों के विपरीत सार्वजनिक टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

सोशल मीडिया की गतिविधियों पर भी रहेगी कड़ी नजर

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि निगरानी केवल प्रेस वार्ता, सार्वजनिक सभाओं और राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर पार्टी, उसके नेतृत्व और फैसलों के खिलाफ की जाने वाली टिप्पणियों और पोस्ट पर भी नजर रखी जाएगी। पार्टी को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ पदाधिकारी सोशल मीडिया के जरिए संगठन के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

पहले नोटिस, फिर निलंबन या निष्कासन तक की कार्रवाई

निर्देशों के अनुसार, जिन नेताओं या कार्यकर्ताओं की पहचान होगी, उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या नोटिस के बाद भी उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें पद से हटाना, निलंबन या पार्टी से निष्कासन जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में जिला स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं होगी, उनकी पूरी रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा। इसके बाद प्रदेश स्तर पर समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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