हमारी गलतियों का स्पेन ने उठाया फायदा : फ्रांस के फीफा विश्व कप 2026 से बाहर होने पर बोले एम्बाप्पे, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

आर्लिंगटन। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस का अभियान थम गया है। मंगलवार की रात खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से रौंदकर फाइनल का टिकट कटाया। स्पेन से मिली करारी शिकस्त के बाद फ्रांस के कप्तान और दिग्गज फुटबाॅलर किलियन एम्बाप्पे ने जहां खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया, तो वहीं टीम की गलतियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने मुकाबले में कई तकनीकी और रणनीतिक गलतियां कीं, जिसका फायदा स्पेन ने उठाया। टीम को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा।
मैच खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए एम्बाप्पे ने स्वीकार किया कि मुकाबले में फ्रांस अपनी रणनीति को मैदान पर उतारने में पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने कहा कि टीम ने कई तकनीकी और सामरिक गलतियां कीं, जिनका स्पेन ने बखूबी फायदा उठाया। कप्तान ने माना कि बड़े मुकाबलों में छोटी-छोटी चूक भी भारी पड़ जाती है और यही इस सेमीफाइनल में फ्रांस की हार की सबसे बड़ी वजह बनी। उन्होंने साथ ही भरोसा जताया कि टीम इस हार से सबक लेकर भविष्य में और अधिक मजबूती के साथ वापसी करेगी।
स्पेन ने शुरुआत से ही फ्रांस पर बनाए रखा दबाव
बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही फ्रांस पर दबाव बनाए रखा। स्पेन के खिलाड़ियों ने शानदार टीमवर्क दिखाते हुए फ्रांस के मजबूत आक्रमण को रोक दिया और पूरे मैच की गति अपने नियंत्रण में रखी। फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड भी इस मुकाबले में अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके। एम्बाप्पे ने कहा, हमने उस तरह का खेल नहीं खेला जैसा हम चाहते थे। चाहे बात रणनीति की हो, तकनीक की हो या पूरी टीम के प्रदर्शन की, हम अपने स्तर तक नहीं पहुंच पाए। विश्व कप सेमीफाइनल जैसे मुकाबले में अगर आप अपनी योजना को सही तरीके से लागू नहीं करते हैं तो जीतना मुश्किल हो जाता है।
स्पेन ने किया बेहतर प्रदर्शन
उन्होंने स्पेन की तारीफ करते हुए कहा कि विपक्षी टीम ने अपने गेम प्लान पर पूरी तरह भरोसा रखा और मैच को नियंत्रित किया। वहीं, फ्रांस ऐसा करने में सफल नहीं रहा। एम्बाप्पे ने कहा, स्पेन ने खेल को नियंत्रित करने में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया। हमने उन्हें मैच की गति तय करने का मौका दिया। जब स्पेन जैसी टीम गेंद पर नियंत्रण हासिल कर लेती है तो उनके खिलाफ वापसी करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
अपनाना चाहिए था आक्रामक रवैयाः एम्बाप्पे
फ्रांस के कप्तान ने माना कि टीम को शुरुआत से ही ज्यादा आक्रामक रवैया अपनाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रेसिंग और मिडफील्ड में बेहतर तालमेल के जरिए स्पेन को परेशान किया जा सकता था। उन्होंने कहा, ष्हमें आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार रहना था। स्पेन ऐसी टीम है जिसे ज्यादा दौड़ना पसंद नहीं है। जब हमने गेंद वापस हासिल की तो हमारे शुरुआती पास और टच उस स्तर के नहीं थे जो विश्व कप सेमीफाइनल में होने चाहिए थे।
हार के साथ फ्रांस का शानदार रिकार्ड भी खत्म
इस हार के साथ, फ्रांस का विश्व कप नॉकआउट में लंबा, शानदार रिकॉर्ड भी खत्म हो गया। 2014 विश्व कप में जर्मनी के खिलाफ क्वार्टर फाइनल हारने के बाद यह पहला मौका है जब फ्रांस को विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में हार झेलनी पड़ी है। इससे पहले, फ्रांस ने खेले 11 नॉकआउट मुकाबलों में से 10 मैच जीते थे, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा था।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
