आतंक के साए में पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा दिनदहाड़े एक मंत्री का अपहरण, दूसरे पर बरसी गोलिया, पीटीआई के आरोप से गरमाई सियासत

नई दिल्ली। पाकिस्तान में आतंकवाद का इस तरह बोलबाला है कि अब वहां के मंत्री भी महफूज नहीं हैं। खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान के साथ भी ऐसा ही हुआ है। आतंकियों ने सरेआम दिन दहाड़े मंत्री का अपहरण कर लिया है। इस बड़ी घटना के बाद हड़कंप मंच गया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अपने मंत्री के अपहरण का दावा किया है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े नेताओं के मुताबिक, सोमवार को हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने मंत्री की गाड़ी को रोककर उन्हें अपने साथ ले लिया। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री शकील खान पर फायरिंग की गई है। घटना के बाद प्रांत में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, इस पूरे मामले की आधिकारिक तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। यह भी साफ नहीं हुआ है कि फजल शकूर खान को किसने और किस उद्देश्य से कथित तौर पर अपने कब्जे में लिया।
मंत्री फजल शकूर पर की गई फायरिंग
वहीं रिपोर्टों के अनुसार, फजल शकूर खान की गाड़ी को पेशावर मोटरवे टोल प्लाजा के पास रोका गया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले वाहन के टायरों पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद गाड़ी को रोकना पड़ा। इसके बाद नकाबपोश लोग मंत्री को कथित तौर पर अपने साथ ले गए। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ नकाबपोश लोगों को सड़क पर रास्ता रोकते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो और घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधानसभा में उठा मामला, पुलिस की भूमिका पर सवाल
खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में सोमवार को इस मामले पर चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती ने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रांत में लोगों पर फायरिंग और कथित तौर पर उन्हें उठाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने संस्थानों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। प्रांतीय कानून मंत्री आफताब आलम अफरीदी ने भी दावा किया कि फजल शकूर खान को मोटरवे से उठाया गया।
पीटीआई ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पीटीआई ने इन घटनाओं को अपने प्रांतीय नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि उसके मंत्रियों और विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है। खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शफी जान ने फजल शकूर खान की कथित हिरासत को संविधान, कानून और जनता के जनादेश पर हमला बताया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
फिलहाल फजल शकूर खान की स्थिति और कथित अपहरण के पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
