यूएन महासचिव की रेस में कई नाम : तीन दौर की बैठक भी रही बेनतीजा, अब अमेरिका-चीन की की भमिका पर नजर

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है। मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा और नए महासचिव का कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से शुरू होना है। सुरक्षा परिषद में तीन दौर के गोपनीय स्ट्रॉ पोल के बाद भी किसी एक उम्मीदवार को व्यापक समर्थन नहीं मिला है।
सात उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
पूर्व चिली राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट के 20 सितंबर को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद मैदान में सात उम्मीदवार रह गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड में रेबेका ग्रिन्सपैन, राफेल ग्रॉसी, मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा, कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट, मैकी साल, इवोन ए-बाकी और ओलारा ओटुन्नु की उम्मीदवारी दर्ज है। तीसरे स्ट्रॉ पोल में कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन को सबसे अधिक ‘एंकरेज’ वोट मिले, लेकिन उन्हें भी ऐसा समर्थन हासिल नहीं हुआ है जिससे चयन की तस्वीर स्पष्ट हो सके। रिपोर्टों के मुताबिक ग्रिन्सपैन, गुयाना की कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और इक्वाडोर की मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा को फिलहाल प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। हालांकि, गुप्त मतदान के कारण सार्वजनिक आंकड़े पूरी स्थिति नहीं बताते।
कैसे चुना जाता है यूएन महासचिव?
महासचिव के चयन में 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। परिषद में अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं। किसी उम्मीदवार को महासभा के सामने भेजने के लिए सुरक्षा परिषद की सिफारिश जरूरी होती है और स्थायी सदस्यों में से किसी का वीटो चयन रोक सकता है।
स्ट्रॉ पोल औपचारिक चुनाव नहीं होते। इनमें सुरक्षा परिषद के सदस्य उम्मीदवारों के प्रति ‘प्रोत्साहित’, ‘हतोत्साहित’ या कोई राय नहीं होने का संकेत देते हैं। इन मतदानों का उद्देश्य उम्मीदवारों के समर्थन का अंदाजा लगाना है।
अमेरिका-चीन की भूमिका पर नजर
मौजूदा स्थिति में अमेरिका और चीन समेत पांचों स्थायी सदस्यों के रुख पर विशेष ध्यान है। सुरक्षा परिषद में सहमति नहीं बनने की स्थिति में नए नामों पर भी विचार की संभावना बनी रहती है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र वित्तीय दबाव, वैश्विक संघर्षों, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
