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टीएमसी में इस्तीफों की झड़ी : अब रुक्मिणी मलिक ने छोड़ा दीदी का साथ, राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 16, 2026
10:22 AM
अब रुक्मिणी मलिक ने छोड़ा दीदी का साथ, राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हुए करीब 2 महीने बीत गए हैं, लेकिन टीएमसी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के विधायक-सांसदों ने इस्तीफों की झड़ी लगा रखी है। इसी क्रम में टीएमसी को एक और बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सदस्य और लेकप्रिय बंगाली अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम से राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कोयल मलिक ने 6 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए नामित किया था, हालांकि अब उनके अचानक इस्तीफे को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

बंगाली फिल्म उद्योग में चर्चित चेहरा रही हैं कोयल

राजनीति में आने से पहले कोयल मलिक बंगाली फिल्म उद्योग का एक बेहद चर्चित और लोकप्रिय चेहरा रही हैं। उन्हें टॉलीवुड की श्टॉली-क्वीनश् भी कहा जाता है। पिछले दो दशकों से वह बंगाली सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2003 में सुपरहिट फिल्म नेटर गुरु से की थी। इसके बाद बंधन (2004), शुभदृष्टि (2005), पागलू (2011), हेमलॉक सोसाइटी (2012) और मितिन माशी थ्रिलर सीरीज (2019) जैसी कई सफल फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई।

कोयल मलिक को अपने शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड बांग्ला, दो बीएफजेए अवॉर्ड और साल 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिष्ठित श्महानायक सम्मानश् प्रदान किया गया था।

रंजीत मलिक की बेटी हैं कोयल

अगर उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो वह बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक और दीपा मलिक की बेटी हैं। फिलहाल उनके इस फैसले ने टीएमसी की राजनीति और पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

इससे पहले भी लगातार टीएमसी में अंदरूनी कलह बढ़ती दिख रही है। श्असली टीएमसीश् का मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल गुट और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच पार्टी के नाम, सिंबल और राजनीतिक नियंत्रण को लेकर चल रहा एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक विवाद बना हुआ है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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