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प्रधान का इस्तीफा मंजूर : प्रहलाद को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, पीएम की सलाह पर महामहिम ने दी हरी झंडी

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Jul 25, 2026
03:46 PM
प्रहलाद को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, पीएम की सलाह पर महामहिम ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, उनके पास पहले से मौजूद मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी। ऐसे में वह अपने मौजूदा दायित्वों के साथ शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी संभालेंगे।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। केंद्र सरकार में हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर देशभर में छात्र लगातार सवाल उठा रहे थे।

नीट-यूजी परीक्षा के बाद शुरू हुआ विवाद

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 मई 2026 को नीट-यूजी परीक्षा के बाद हुई। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक और धांधली के आरोप सामने आए। बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू किया। धीरे-धीरे यह मामला सामाजिक माध्यमों पर चर्चा का विषय बन गया और बाद में बड़े छात्र आंदोलन का रूप ले लिया।

छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ।

न्यायालय में टिप्पणी को लेकर भी विवाद

इसी बीच 15 मई को हुई एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। सुनवाई के दौरान उन्होंने कुछ लोगों के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी आम युवाओं या छात्रों के लिए नहीं थी। उनका आशय कथित रूप से फर्जी डिग्री के आधार पर पेशे में प्रवेश करने वाले लोगों से था।

शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव के बाद अब सभी की नजरें नई व्यवस्था और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े आगामी फैसलों पर टिकी हैं। खासतौर पर नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों की चिंताओं के समाधान को लेकर सरकार की अगली रणनीति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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