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पल्स पोलिया अभियान कल से : रेलवे बनेगा पोलियो मुक्त भारत का साथी, चलती ट्रेनों में बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 27, 2026
10:25 AM
रेलवे बनेगा पोलियो मुक्त भारत का साथी, चलती ट्रेनों में बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की

भोपाल। बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए रविवार से देशव्यापी पल्स पोलियो अभियान का आगाज होने जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इस अभियान में रेलवे भी बड़ी भूमिका निभाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने व्यापक तैयारियां की हैं। रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे कॉलोनियों में विशेष टीकाकरण व्यवस्था की गई है, ताकि शून्य से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पंकज त्यागी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा ने 28, 29 और 30 जून तक चलने वाले अभियान के सफल संचालन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

22 स्टेशनों पर बनाए गए पोलियो टीकाकरण बूथ

रेलवे प्रशासन के अनुसार, भोपाल मंडल में कुल 22 पोलियो टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए हैं। इनमें भोपाल, इटारसी, बीना, गुना, गंजबासौदा सहित कई प्रमुख रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को निरूशुल्क पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा कर रहे परिवारों के बच्चे भी इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान का लाभ उठा सकें।

चलती ट्रेनों में भी पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

अभियान की खास बात यह है कि रेलवे ने मोबाइल टीमें भी गठित की हैं, जो विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर कर रहे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। ये टीमें बीना रूट पर झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और राजकोट एक्सप्रेस, इटारसी रूट पर कर्नाटक एक्सप्रेस और कामायनी एक्सप्रेस तथा उज्जैन रूट पर मालवा एक्सप्रेस में यात्रियों के बच्चों तक पहुंचेंगी। इसके अलावा पैसेंजर ट्रेनों के जरिए भी अलग-अलग स्टेशनों पर रुककर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।

रेलवे ने अभिभावकों से की सहयोग की अपील

रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों और आसपास के परिवारों के बच्चों के लिए भी विशेष टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। रेल प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को अभियान के दौरान पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं।

रेलवे का मानना है कि सभी के सहयोग से ही पोलियो मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान भी यदि स्वास्थ्य टीम संपर्क करे तो बच्चों को दवा जरूर पिलाएं और इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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