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कैब सेक्टर में नई क्रांति : गुजरात से शुरू हुई देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा, केन्द्रीय मंत्री शाह ने दी सौगात, अब ड्राइवर ही होंगे मालिक

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 27, 2026
10:39 AM
गुजरात से शुरू हुई देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा, केन्द्रीय मंत्री शाह ने दी सौगात, अब ड्राइवर ही होंगे मालिक

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। यह देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन और मालिकाना हक सीधे ड्राइवरों के पास होगा। सहकारी मॉडल पर आधारित इस पहल को भारतीय कैब सेक्टर में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को अधिक अधिकार और बेहतर आय उपलब्ध कराना है।

फिलहाल इस सेवा की शुरुआत गुजरात के 14 प्रमुख शहरों में की गई है। सहकारिता मंत्रालय का लक्ष्य अगले एक महीने के भीतर इसे पूरे राज्य में विस्तार देने का है।

सहकारी मॉडल से खत्म होगा शोषण

लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ टैक्सी सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ी है। लेकिन निजी कैब कंपनियों के मॉडल में कई तरह की समस्याएं सामने आईं, जिनसे ड्राइवर और यात्री दोनों प्रभावित हुए।

उन्होंने कहा कि इन्हीं शिकायतों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार भी होंगे। इससे कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे उनके पास पहुंचेगा।

सिर्फ कानून नहीं, नया बिजनेस मॉडल बना समाधान

अमित शाह ने बताया कि शुरुआती दौर में निजी कैब कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लाने पर भी विचार किया गया था। हालांकि सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि केवल कानून बनाना हर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसी सोच के तहत सहकारी मॉडल अपनाया गया, जिससे व्यवस्था की बुनियाद ही ऐसी बने कि ड्राइवरों के हित सुरक्षित रहें और किसी प्रकार के शोषण की संभावना कम हो।

देशभर में विस्तार की तैयारी

सरकार का मानना है कि यदि गुजरात में भारत टैक्सी का यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। सहकारिता के क्षेत्र में पहले से सफल मॉडलों की तरह इस पहल से भी लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भारत टैक्सी के जरिए सरकार न केवल ड्राइवरों को सशक्त बनाना चाहती है, बल्कि यात्रियों को भी अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और किफायती सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसे भारतीय मोबिलिटी सेक्टर में सहकारिता आधारित नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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