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ब्रिक्स सम्मेलन भोपाल में आज से : 11 देशों के प्रतिनिधि विरासत और सहयोग पर करेंगे मंथन, प्रदर्शनियों में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 05, 2026
06:07 AM
11 देशों के प्रतिनिधि विरासत और सहयोग पर करेंगे मंथन, प्रदर्शनियों में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बुधवार से अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की तीसरी बैठक और ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ भागीदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा करेंगे।

विरासत संरक्षण से रचनात्मक उद्योगों तक होगी चर्चा

बैठक में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के आधुनिकीकरण, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। संस्कृति कार्य समूह की सिफारिशों के आधार पर 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक में संयुक्त घोषणा (डिक्लेरेशन) को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें भविष्य के सहयोग का रोडमैप तय होगा।

प्रदर्शनियों में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल बुधवार से भोपाल पहुंचना शुरू करेंगे। पहले दिन पंजीकरण, द्विपक्षीय बैठकों और प्रदर्शनी भ्रमण का कार्यक्रम रहेगा। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में श्ज्ञान भारतम्श्, श्प्रोजेक्ट मौसमश् और श्प्रोजेक्ट बृहत्तर भारतश् शीर्षक से तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जिनमें भारत की पांडुलिपि परंपरा, समुद्री संपर्क और प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां सम्मेलन के दौरान आम लोगों के लिए भी खुली रहेंगी।

लोक संस्कृति की भी दिखेगी झलक

प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण करेगा, जहां पारंपरिक शिल्प, जनजातीय संस्कृति और लोक विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव में 125 से अधिक कलाकार श्ब्रिक्स शांति गीत दृ शांति ही इस भूमि की भाषा हैश् और श्अमृतस्य मध्य प्रदेशश् जैसी प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय संस्कृति और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

सांची और भीमबेटका का भी करेंगे भ्रमण

मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (संस्कृति) शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद 8 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जबकि 9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका रॉक शेल्टर्स के दौरे का भी कार्यक्रम रखा गया है। यह आयोजन मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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