घोषणाओं तक सीमित मप्र सरकार, सिंघार का बड़ा आरोप, : कहा- घोषणाएं भरपूर, जमीन पर काम अधूरे, पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों का किया जिक्र

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मप्र सरकार पर घोषणाओं तक सीमित रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न विभागों की बड़ी संख्या में घोषणाएं अब भी अधूरी हैं। सिंघार ने कहा कि सरकार विकास के बड़े दावे करती है, लेकिन कई महत्वपूर्ण योजनाएं और घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 10 प्रमुख विभागों की कुल 711 घोषणाएं लंबित हैं। उनका दावा है कि विकास के नाम पर किए गए लगभग 70 प्रतिशत वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया।
लोक निर्माण समेत कई विभागों का किया जिक्र
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सबसे अधिक लंबित घोषणाएं लोक निर्माण विभाग में हैं। उनके अनुसार, इस विभाग की 191 घोषणाओं में से 149 अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय कार्य विभागों में भी बड़ी संख्या में घोषणाएं अधूरी पड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नई-नई घोषणाएं करती है, लेकिन पहले किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में अपेक्षित गति दिखाई नहीं देती। उनके मुताबिक, केवल घोषणाएं करना विकास का प्रमाण नहीं हो सकता।
जनता अब जवाब चाहती है
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास की वास्तविक पहचान धरातल पर पूरे हुए कार्यों से होती है, न कि मंचों से की गई घोषणाओं से। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में जनता को अधिक अधूरी घोषणाएं मिलीं या पूरे हुए विकास कार्य।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश की जनता अब नए वादों के बजाय पुराने वादों की प्रगति का हिसाब चाहती है। उन्होंने सरकार से लंबित घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और उनकी स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी की। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रफुल्ल तिवारी
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