शनिवार, 4 जुलाई 202607:48:18 PM
Download App
Home/देश

आरजीपीवी में प्रश्नपत्र गायब होने का गंभीर मामलाः : सीलबंद लिफाफे लापता होने से मचा हड़कंप, निरस्त करनी पड़ा एग्जाम, विपक्ष के निशाने पर सरकार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 04, 2026
09:40 AM
सीलबंद लिफाफे लापता होने से मचा हड़कंप, निरस्त करनी पड़ा एग्जाम, विपक्ष के निशाने पर सरकार

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में बीटेक परीक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा के प्रश्नपत्रों वाले सीलबंद लिफाफे गायब होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को संबंधित परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। घटना के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुलगुरु ने मामले को गंभीर मानते हुए परीक्षा नियंत्रक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

जानकारी के अनुसार, बीटेक चैथे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए रखे गए नौ सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे गायब पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने तत्काल परीक्षा निरस्त करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया।

नोटिस में सुरक्षा व्यवस्था पर जताई गई गंभीर चिंता

स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की निदेशक एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रश्नपत्रों का चोरी होना अथवा अनधिकृत रूप से गायब होना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि इस घटना से विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी है।

कुलगुरु ने परीक्षा नियंत्रक से तीन दिनों के भीतर पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की परिस्थितियों और संभावित जिम्मेदारियों की भी जांच की जा रही है।

विपक्ष ने सरकार और व्यवस्था पर साधा निशाना

घटना को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने भी सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र ही सुरक्षित नहीं हैं तो विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाएं केवल लापरवाही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर कमजोर हो रहा है। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और नई परीक्षा तिथि को लेकर निर्णय लिया जाएगा। घटना ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें