अब सक्रिय फील्ड फाइटर्स की जरूरत : शिवराज ने सीहोर में कार्यकर्ताओं को दिया जमीनी सक्रियता का मंत्र

सीहोर। सीहोर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के दौरान सियासी माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। भाजपा ने इस आयोजन को सामान्य प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर “संगठनात्मक री-लोडिंग” और “मिशन मोड रणनीति” के रूप में पेश किया। मंच से लेकर मैदान तक अनुशासन, रणनीति और संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेश दिखाई दिया।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट शब्दों में संगठनात्मक अनुशासन और जमीनी सक्रियता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अब केवल नाम के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रिय “फील्ड फाइटर्स” की जरूरत है।
अपने संबोधन में उन्होंने संगठनात्मक भावनाओं को तीखा करते हुए कहा-“सच्चे कार्यकर्ता के पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और सिर पर बर्फ होना चाहिए।” इस कथन को उन्होंने केवल नारा नहीं बल्कि संगठन का व्यवहारिक कोड बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच लगातार सक्रिय रहें, लेकिन संयम और अनुशासन भी बनाए रखें।

बूथ स्तर पर सख्तीः जवाबदेही तय होगी
शिवराज सिंह चौहान ने बूथ प्रबंधन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिए कि आने वाले समय में निष्क्रियता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि समितियां सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखाई देनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि हर प्रभारी को गांव-गांव जाकर रिपोर्ट तैयार करनी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, जो कार्यकर्ता जनता से दूर रहेगा, वह संगठन की लड़ाई में प्रभावी नहीं हो सकता।
विपक्ष पर तीखा हमला
शिवराज ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विरोधी दल भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया और जमीनी स्तर-दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहने की अपील की। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इसे शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। करण सिंह वर्मा, आलोक शर्मा, महेंद्र सिंह सोलंकी समेत कई सांसद, विधायक और संगठन पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
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