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ट्रंप की हार से चमका सर्राफा बाजार : सोना-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड 3,088 तो सिल्वर 6,902 उछला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Nov 04, 2026
09:32 AM
सोना-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड 3,088 तो सिल्वर 6,902 उछला

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बने सकारात्मक माहौल का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया। लगातार कई दिनों की गिरावट और दबाव के बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 3,088 रुपये उछलकर 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की तेजी सोने से भी ज्यादा रही। चांदी 6,902 रुपये महंगी होकर 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

कीमती धातुओं की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल का प्रमुख कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं रही। इसके चलते एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

अमेरिकी चुनाव और कमजोर डॉलर ने बढ़ाई चमक

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया। इसके साथ ही डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने की मांग को बढ़ावा दिया। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने और बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न घटने पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाती हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमकी चांदी

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 2.32 प्रतिशत बढ़कर 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 4.10 प्रतिशत की छलांग लगाकर 51.795 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई।

अब आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का रुख?

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,40,000 रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट है। ऊपर की तरफ 1,43,000 से 1,43,700 रुपये का दायरा महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। वहीं, चांदी के लिए 1,86,000 से 1,88,000 रुपये का स्तर अहम है। इस दायरे के ऊपर टिकने पर कीमतें 1,94,000 से 1,96,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना बना सकती हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी के बावजूद तकनीकी संकेतक अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुए हैं। सोने का आरएसआई करीब 35 पर है और एमएसीडी हिस्टोग्राम भी नकारात्मक बना हुआ है।

आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और रूस-यूक्रेन सहित वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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