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केजेपी विवाद पर बोले शशि थरूर : युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक, प्रेशर कुकर से की अभियान की तुलना

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May 22, 2026
10:47 AM
युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक, प्रेशर कुकर से की अभियान की तुलना

नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि लोकतंत्र में लोगों की भावनाओं और असंतोष को सामने आने देना जरूरी है। उन्होंने इस अभियान पर लगे प्रतिबंध और उससे जुड़ी बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाना समझदारी नहीं हो सकती।

थरूर ने आगे कहा कि कई लोग इस अभियान को पाकिस्तान की साजिश बताकर खारिज कर रहे हैं, लेकिन मामला इतना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि अभियान से जुड़े अभिजीत दिपके का दावा है कि उनके 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत से हैं। थरूर के अनुसार, सच चाहे जो भी हो, लेकिन यह साफ है कि यह मंच युवाओं के भीतर बढ़ रही बेचैनी और गुस्से को सामने ला रहा है।

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‘प्रेशर कुकर के वॉल्व’ जैसा है ऐसा आंदोलन

कांग्रेस सांसद ने इस तरह के अभियानों की तुलना प्रेशर कुकर के वॉल्व से करते हुए कहा कि जैसे वॉल्व भाप को बाहर निकलने देते हैं, उसी तरह व्यंग्य और आलोचना समाज के भीतर जमा असंतोष को बाहर निकालने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आवाजों को पूरी तरह बंद कर दिया जाए तो दबाव इतना बढ़ सकता है कि स्थिति विस्फोटक हो जाए।

थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अराजकता और हिंसा की जगह व्यंग्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बेहतर मानते हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र की असली ताकत इसी में है कि वह नागरिकों को अपनी शिकायतें रखने का अवसर देता है।

सरकार और विपक्ष दोनों को दी चेतावनी

थरूर ने सरकार और विपक्ष दोनों को आगाह करते हुए कहा कि देश के युवाओं की नाराजगी को नजरअंदाज करना भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ‘यंग इंडिया’ आज रोजगार, अवसर और सामाजिक मुद्दों को लेकर बेचैन है, इसलिए उनकी समस्याओं को समझना और समाधान निकालना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

अंत में थरूर ने अपील करते हुए कहा कि इस अभियान पर लगा प्रतिबंध हटाया जाना चाहिए और युवाओं की बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।

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