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पाकिस्तान में फिर गूंजा गोलियों का शोर : लश्कर का खूनी चेहरा हमजा बना शिकार, लाहौर में दिनदहाड़े हमले से हिलीं सुरक्षा एजेंसियां

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Apr 16, 2026
08:25 AM
लश्कर का खूनी चेहरा हमजा बना शिकार, लाहौर में दिनदहाड़े हमले से हिलीं सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली-लाहौर। पाकिस्तान की जमीन एक बार फिर खून और खामोशी के खतरनाक खेल की गवाह बनी है। लाहौर की व्यस्त सड़कों पर दिनदहाड़े हुए एक हमले ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है, बल्कि आतंकी संगठनों के भीतर भी डर की लहर दौड़ा दी है। इस बार निशाने पर था लश्कर-ए-तैयबा का कुख्यात चेहरा अमीर हमजा, जिसे हाफिज सईद का दाहिना हाथ माना जाता है।

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एक निजी न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर जैसे ही हमजा पहुंचा, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमला इतना सटीक था कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर रूप से घायल हमजा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां वह आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

लश्कर की रणनीति का अहम स्तंभ रहा हजमा

अमीर हमजा कोई साधारण आतंकी नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा की विचारधारा और रणनीति का अहम स्तंभ रहा है। संगठन की नींव रखने वालों में शामिल हमजा का काम सिर्फ हमले करवाना नहीं था, बल्कि युवाओं का ब्रेनवॉश करना, फंडिंग जुटाना और आतंकी नेटवर्क को जिंदा रखना भी था। वह जिहादी साहित्य लिखने और प्रचार तंत्र को मजबूत करने में भी सक्रिय रहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया जा चुका है। 2018 में दबाव बढ़ने पर उसने नए नामों और संगठनों के जरिए आतंकी गतिविधियों को जारी रखने की कोशिश की।

अब तक कई कुख्यात आतंकी बन चुके हैं गोलियों का निशाना

यह हमला कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में कई कुख्यात आतंकियों को इसी तरह निशाना बनाया गया है। 2026 की शुरुआत में बिलाल आरिफ सराफी की हत्या, 2025 में फैसल नदीम और अबू सैफुल्लाह खालिद का खात्माकृये सब एक ही पैटर्न की ओर इशारा करते हैं। हमलावर आते हैं, निशाना साधते हैं और बिना कोई सुराग छोड़े गायब हो जाते हैं। इस रहस्यमयी ‘अज्ञात गनमैन’ ने अब पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हजमा पर हमले के बाद आतंकी संगठनों के शीर्ष नेताओं में खौफ

अमीर हमजा पर हमले के बाद आतंकी संगठनों के शीर्ष नेताओं में खौफ साफ देखा जा सकता है। अब सवाल सिर्फ ये नहीं रह गया है कि हमले कौन कर रहा है, बल्कि ये है कि अगला नंबर किसका होगा। पाकिस्तान की सड़कों पर चल रहा यह ‘खामोश सफाया’ आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है और इसके निशाने पर कौन होगा, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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