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छत्तीसगढ़ का स्वर्ग : मैनपाट की ठंडी वादियों में सुकून का एहसास, शांति और तिब्बती संस्कृति का है खूबसूरत संगम

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May 06, 2026
06:03 AM
मैनपाट की ठंडी वादियों में सुकून का एहसास, शांति और तिब्बती संस्कृति का है खूबसूरत संगम

रायपुर। चुभती, जलती गर्मी से अगर आप परेशान हैं तो छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर मैनपाट की वादियां आपको सुकून का अहसास करा सकती है। राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित इस खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थल को श्छत्तीसगढ़ का शिमला्य और श्मिनी तिब्बत्य के नाम से जाना जाता है। समुद्र तल से लगभग 1085 मीटर (3500 फीट) की ऊंचाई पर स्थित यह पठार अपनी ठंडी जलवायु, घने जंगलों, मनमोहक जलप्रपातों और तिब्बती संस्कृति के लिए लोकप्रिय है। जहां राज्य के बाकी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है तो मैनपाट में औसत तापमान 32 से 35 डिग्री के बीच चल रहा है।

उल्टापानी में गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को चुनौती

इस क्षेत्र में स्थित उल्टा पानी में गुरुत्वाकर्षण के विपरीत पानी ऊपर की ओर बहता दिखाई देता है। अभी तक आपने देखा होगा कि पानी हमेशा ऊपर से नीचे की ओर बहता है, लेकिन यहां स्थिति विपरीत है। इसके चलते ही इसे उल्टा पानी का नाम दिया गया है। यदि आप अपनी कार या बाइक को गाड़ी न्यूट्रल में रखें तो वाहन नीचे के बजाय ऊपर की ओर चढने लगती है। इसी प्रकार जलजली एक अद्भुत दलदली जमीन जहाँ पैर पटकने पर धरती उछलती महसूस होती है। परपाटिया व्यू पॉइंट यहाँ से पहाड़ों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

छत्तीसगढ़ का शिमला 'मैनपाट' - Sarita Magazine

यहां की सांस्कृतिक पहचान हैं तिब्बती बस्तियां

वर्ष 1962 में यहाँ तिब्बती शरणार्थियों को बसाया गया था, जिसके बाद से यह क्षेत्र बौद्ध धर्म और तिब्बती हस्तशिल्प का केंद्र बन गया। यहाँ के बौद्ध मठ, रंग-बिरंगे प्रार्थना ध्वज और स्थानीय तिब्बती व्यंजन जैसे मोमोज और थुकपा पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराते हैं।

10 से अधिक झरने, टाइगर और मेहता पाइंट में खो जाएंगे

मैनपाट से लगभग आठ किमी दूरी पर एक अद्भुत झरना है। यह झरना चारों तरफ लंबे पहाड़ों से घिरा है। जिसका नाम मेहता प्वाइंट दिया गया है। मेहता पाइंट में लोग सनराइज देखने भी आते है। इसके अलावा इस क्षेत्र में 10 से अधिक झरने आकर्षण का केंद्र हैं। टाइगर पाइंट में आपको चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही आकर्षक झरना दिखाई देगा। बारिश के दिनों में टाइगर पाइंट का नजारा अलग ही होता है। चारों ओर हरियाली के साथ ही झरने का पानी ऊपर तक आ जाता है। मछली पॉइंट पर तो आपको धाराओं में तैरती रंगीन मछलियां भी नजर आएंगीं।

मैनपाट: छत्तीसगढ़ का एक छिपा हुआ रत्न

कैसे पहुंचें?

सड़क मार्ग से राजधानी रायपुर से मैनपाट की दूरी लगभग 350 किलोमीटर है। रायपुर से अंबिकापुर तक बस या ट्रेन से यात्रा की जा सकती है, जहाँ से मैनपाट मात्र 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हवाई संपर्क अब और भी सुगम हो गया है। अंबिकापुर स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट (दरिमा) से दिल्ली और कोलकाता जैसी प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें प्रारंभ हो चुकी हैं।

आवास और सुविधाएं

पर्यटकों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट और कर्मा एथनिक रिसॉर्ट प्रमुख आकर्षण हैं। यहां पारंपरिक जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं का मेल मिलता है। इसके अतिरिक्त, निजी होटल और होमस्टे के विकल्प भी उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इन रिसॉर्ट्स में ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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