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मोहन की पहल से उज्जैन में गूंजा भक्ति का स्वर : कलाकारों की मनमोहन प्रस्तुति ने जीता दिल, कथावाचन से जींत हुई अवंतिका की गौरवगाथा

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Sep 18, 2026
06:19 AM
कलाकारों की मनमोहन प्रस्तुति ने जीता दिल, कथावाचन से जींत हुई अवंतिका की गौरवगाथा

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की पहल पहल पर धार्मिक नगरी उज्जैन में आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। रामघाट में आयोजित भव्य दीपोत्सव में आध्यात्मिकता, संस्कृति और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां शिप्रा तट पर एक साथ प्रज्ज्वलित हुए 33 लाख दीपों ने पूरे वातावरण को रोशनी से भर दिया। वहीं भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमुदाय में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

महाकाल की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने जीता दिल

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपराओं पर आधारित महाकाल सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रस्तुति के माध्यम से उज्जैन की धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली तरीके से सामने रखा गया।

कथावाचन से जीवंत हुई उज्जैन की गौरवगाथा

कार्यक्रम में शैलेश लोढ़ा ने कथावाचन के माध्यम से उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का परिचय कराया। उन्होंने शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, आध्यात्मिक महत्व और गौरवशाली परंपराओं को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया।

इसके बाद श्री भवानी शास्त्री के नेतृत्व में भजन प्रस्तुति हुई। भजनों की मधुर स्वर लहरियों के बीच रामघाट का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजनों में भाव-विभोर होकर शामिल हुए।

‘इतिहास के पृष्ठों से’ पुस्तक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर पर आधारित पुस्तक ‘इतिहास के पृष्ठों से’ का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समाहित किया गया है। पुस्तक के माध्यम से श्री महाकालेश्वर मंदिर की विरासत और उससे जुड़ी परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।

आतिशबाजी और रोशनी से बढ़ी कार्यक्रम की भव्यता

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में आकर्षक आतिशबाजी, प्रकाश प्रदर्शन और अग्नि प्रदर्शन ने समारोह की भव्यता बढ़ा दी। रंग-बिरंगी रोशनी, दीपों की जगमगाहट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शिप्रा तट को उत्सव के रंग में रंग दिया। महाकाल लोक और शिप्रा तट पर एक साथ जलते दीपों का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

हजारों स्वयंसेवकों ने निभाई सहभागिता

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों स्वयंसेवकों ने भाग लिया। सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना के साथ आयोजित समारोह ने उज्जैन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को भव्य रूप में प्रस्तुत किया।

लाखों दीपों की रोशनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनभागीदारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का उत्सव मनाया गया। पूरे आयोजन के दौरान उज्जैन में भक्ति, उल्लास और उत्सव का अद्भुत वातावरण बना रहा।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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