भारत की युवा स्क्वैश स्टार का एशियन गेम्स धमाका : अनाहत ने जापान की सतोमी को शिकस्त दे रचा इतिहास, ऐसा करने वाली बनीं पहली भारतीय खिलाड़ी

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 (9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3) से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इतना ही नहीं, इस जीत के साथ जहां अनाहत एशियन गेम्स में मेडल पक्का कर लिया है। वहीं महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला स्क्वैश खिलाड़ी बन गई हैं।
दो गेम हारने के बाद किया जबरदस्त कमबैक
अनाहत के लिए मुकाबले की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। जापानी खिलाड़ी ने शुरुआती दोनों गेम 11-9 और 13-11 से जीतकर भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बना दिया। इसके बाद अनाहत ने धैर्य और शानदार खेल का परिचय देते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया।
तीसरे गेम की जीत से बढ़ा उत्साह
तीसरे गेम में वह एक समय 8-10 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने लगातार महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और गेम को 12-10 से अपने नाम कर लिया। इस जीत ने अनाहत को मुकाबले में वापस ला दिया। तीसरे गेम की जीत के बाद अनाहत का आत्मविश्वास बढ़ता गया। चौथे गेम में वह एक समय 6-8 से पीछे थीं, लेकिन इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने लगातार पांच अंक हासिल किए। उन्होंने गेम 11-6 से जीतकर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक पांचवें गेम में अनाहत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उनके बेहतरीन रैकेट कौशल और आक्रामक खेल के सामने वातानाबे दबाव में नजर आईं। भारतीय खिलाड़ी ने आखिरी गेम 11-3 से जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
पहला सिंगल्स पदक किया पक्का
फाइनल में पहुंचते ही अनाहत ने एशियन गेम्स में अपना पहला महिला सिंगल्स पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण या रजत पदक जीतने का मौका है। फाइनल में उनके प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्रशंसकों की नजरें रहेंगी। अनाहत इससे पहले एशियन गेम्स में महिला और मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इस बार उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में नया इतिहास रच दिया है।
स्वर्ण जीतने पर मिलेगा ओलंपिक का टिकट
महिला सिंगल्स का फाइनल अनाहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी को लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधी एंट्री मिलने का प्रावधान है। ऐसे में फाइनल मुकाबला पदक के साथ-साथ ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी अहम रहेगा।
इस बीच, मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को हांगकांग की ली का यी और तांग मिंग होंग की जोड़ी से सेमीफाइनल में हार मिली। भारतीय जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
