बुधवार, 3 जून 202606:05:40 PM
Download App
Home/स्पोर्ट्स

प्रज्ञानंद की बाजीगरी! : विश्व नंबर-1 कार्लसन को दूसरी बार हराकर रचा नया कीर्तिमान° भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर का नॉर्वे चेस में ऐतिहासिक प्रदर्शन

admin

admin

Jun 03, 2026
04:41 AM
विश्व नंबर-1 कार्लसन को दूसरी बार हराकर रचा नया कीर्तिमान° भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर का नॉर्वे चेस में ऐतिहासिक प्रदर्शन

ओस्लो। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में अपनी प्रतिभा का एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में मात दे दी। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत की, बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी अपने नाम कर ली। प्रज्ञानंद एक ही नॉर्वे चेस संस्करण में कार्लसन को दो बार क्लासिकल प्रारूप में हराने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

20 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कार्लसन को उनके घरेलू मैदान पर हराना दुनिया के किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। प्रज्ञानंद ने पूरे मुकाबले में धैर्य, रणनीति और आत्मविश्वास का शानदार परिचय दिया।

हार के बाद कार्लसन दिखे निराश

मुकाबला समाप्त होने के बाद मैग्नस कार्लसन के चेहरे पर हार की निराशा साफ दिखाई दी। उन्होंने प्रज्ञानंद से हाथ मिलाकर खेल भावना का परिचय दिया, लेकिन उनके हावभाव से यह स्पष्ट था कि इस हार ने उन्हें गहरा झटका पहुंचाया है।

कार्लसन के लिए यह हार सिर्फ अंक गंवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनके आठवें नॉर्वे चेस खिताब की राह भी मुश्किल हो गई है। इस टूर्नामेंट में उन्हें कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है और अब तक वह चार क्लासिकल मुकाबले हार चुके हैं, जिनमें दो हार प्रज्ञानंद के खिलाफ आई हैं।

खिताब की दौड़ में मजबूत हुई दावेदारी

प्रज्ञानंद की इस महत्वपूर्ण जीत ने टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। भारतीय खिलाड़ी 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और खिताब जीतने की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। उनके प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार बेहतरीन खेल दिखाने की क्षमता रखते हैं।

वहीं अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरूजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच भी खिताब की कड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है।

अंतिम दौरों पर टिकी सबकी नजर

टूर्नामेंट में अब केवल दो दौर शेष हैं और हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। प्रज्ञानंद के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। अगर वह अपनी लय बरकरार रखते हैं तो नॉर्वे चेस का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का सपना भी साकार कर सकते हैं।

कार्लसन पर दो यादगार जीत दर्ज कर भारतीय युवा सितारे ने दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि वह अब विश्व शतरंज के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल हो चुके हैं। आने वाले मुकाबले उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक साबित हो सकते हैं।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें