कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की पदकों की चमक बरकरार : लवप्रीत का सिल्वर, सीमा का ब्रॉन्ज, इतिहास रचते भारतीय सितारे, कुल पदकों की संख्या पहुंची 16

नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो और पदक आए, जब स्टार वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा कलीरामना ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इन दो पदकों के साथ भारत के खाते में अब कुल 16 मेडल हो चुके हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
महज एक किलो से चूका गोल्ड, लवप्रीत ने जीता दिल
पुरुषों के +110 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में लवप्रीत सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच राउंड में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। मुकाबले के शुरुआती चरण में लवप्रीत बढ़त बनाए हुए थे और स्नैच के बाद न्यूजीलैंड के डेविड लिटी उनसे 10 किलोग्राम पीछे थे।
हालांकि क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में डेविड लिटी ने 223 किलोग्राम का भार उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ उनका कुल स्कोर 389 किलोग्राम पहुंच गया और उन्होंने केवल 1 किलोग्राम के अंतर से गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। लवप्रीत को सिल्वर से संतोष करना पड़ा, लेकिन उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक भिड़ंतों में शामिल रहा।
'गोल्ड नहीं जीत पाया, लेकिन और मजबूत वापसी करूंगा'
सिर्फ एक किलो के अंतर से गोल्ड चूकने के बाद लवप्रीत सिंह ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल से चूकने का दर्द जरूर है, लेकिन यही अनुभव उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह अपनी कमियों को दूर कर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।
लवप्रीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच विजय शर्मा, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अधिकारियों, भारत सरकार और भारतीय नौसेना के कैप्टन विजय कुमार को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और विश्वास की बदौलत ही वह इस स्तर तक पहुंच सके हैं।
सीमा कलीरामना ने एथलेटिक्स में दिलाया पहला पदक
भारतीय एथलेटिक्स दल के लिए भी दिन यादगार रहा। महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल में सीमा कलीरामना ने 58.65 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन ने एथलेटिक्स में भारत का पदकों का खाता खोला और टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी।
सीमा ने पूरे मुकाबले के दौरान निरंतरता दिखाई और निर्णायक प्रयास में ऐसा थ्रो किया जिसने उन्हें पोडियम तक पहुंचा दिया। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी अहम मानी जा रही है।
भारत की पदक तालिका लगातार हो रही मजबूत
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार उम्मीदों पर खरा उतर रहा है। वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं। अब तक भारत 3 स्वर्ण, 10 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीत चुका है। आने वाले दिनों में कई और स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे, जिससे पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। भारतीय दल का यह प्रदर्शन देश के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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