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अहमदाबाद । भारतीय क्रिकेट टीम को रविवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा ऑलराउंडर अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने को लेकर है। सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने के पीछे टीम इंडिया की रणनीति का खुलासा किया।
डेशकाटे ने कहा, "टीम कॉम्बिनेशन और साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज होने की वजह से यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया। बाएं हाथ के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक, रयान रिकल्टन और डेविड मिलर टीम इंडिया के लिए बड़े खतरे थे। ऐसे में टीम ने ऑफ स्पिन विकल्प को प्राथमिकता दी, जो पावरप्ले में उपयोगी साबित हो सके। हमें लगा कि पावरप्ले में वॉशिंगटन अक्षर की तुलना में ज्यादा प्रभावी गेंदबाज हो सकते हैं। इस वजह से उन्हें मौका दिया गया।"
पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ सुंदर का रिकॉर्ड अक्षर से बेहतर है। 57 पारियों में सुंदर ने 23 विकेट लिए हैं, जबकि अक्षर ने 62 पारियों में 14 विकेट लिए हैं। मध्य के ओवरों में अक्षर ज्यादा प्रभावशाली है। अक्षर ने 79 पारियों में 63 विकेट झटके हैं, जबकि सुंदर के नाम 48 पारियों में 23 विकेट हैं। अगर अक्षर प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होते, तो वे दक्षिण अफ्रीका की रनों की रफ्तार थाम सकते थे। साल ही बल्लेबाजी में भी अच्छा कर सकते थे।
सुंदर को खिलाने का टीम इंडिया मैनेजमेंट का फैसला असफल साबित हुआ। सुंदर ने 2 ओवर की गेंदबाजी में बिना कोई विकेट लिए 17 रन दिए। वहीं बल्लेबाजी में 11 रन बना पाए। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 187 रन बनाए थे। भारतीय टीम 111 रन पर सिमट गई और 76 रन से मैच हार गई। इस हार के बाद भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है।
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