किसानों का विरोध प्रदर्शन : धमतरी में खाद संकट और नए नियमों के विरोध में किसानों का कलेक्ट्रेट घेराव, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कृषि सीजन की शुरुआत से पहले किसानों की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ किसान संघ के बैनर तले दर्जनों किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया और कृषि कार्यों में आ रही परेशानियों को दूर करने की मांग की। किसानों ने खाद की कमी, डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और कृषि संबंधी नई व्यवस्थाओं को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों का आरोप है कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में उन्हें पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। देखिए यह रिपोर्ट।
खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही धमतरी जिले में किसानों की समस्याएं सामने आने लगी हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि खेती-किसानी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। कई सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों में खाद की कमी की शिकायतें मिल रही हैं। किसानों का आरोप है कि समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई का काम प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों की प्रमुख मांगें
• पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता
• कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना
• डीजल-पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं का समाधान
• किसानों पर लगाए जा रहे नए नियमों की समीक्षा
• कृषि कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करना
किसानों ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर खेती से जुड़े नए नियम और प्रक्रियाएं किसानों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले किसानों को कई सुविधाएं आसानी से मिल जाती थीं, लेकिन अब विभिन्न प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के कारण उन्हें अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता तथा कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले संसाधनों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि खेती का पूरा सीजन सामने है और यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
वहीं कलेक्ट्रेट पहुंचे अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्राप्त किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों को शासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसानों के प्रदर्शन ने एक बार फिर खरीफ सीजन से पहले कृषि व्यवस्था और खाद उपलब्धता के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। अब किसानों की नजर प्रशासन और सरकार की ओर है कि उनकी मांगों पर कितना जल्द और प्रभावी निर्णय लिया जाता है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान संघ ने आगे भी आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं।
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
