धमतरी : पेट्रोल पंप संचालक साइकिल पर सवार, निगम से अटका 35 लाख का बिल, कई बार लगा चुके हैं गुहार

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में आर वी कुमार एजेंसी के संचालक सौरभ नंदा इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। वजह है उनकी सादगी नहीं, बल्कि सिस्टम से जूझती उनकी मजबूरी। सौरभ नंदा, जो पहले कार और बाइक से चलते थे, अब खर्च कम करने के लिए साइकल का सहारा ले रहे हैं। दरअसल, नगर निगम पर उनके पेट्रोल पंप का करीब 35 लाख रुपये बकाया है, जो पिछले 6 महीनों से नहीं चुकाया गया है। निगम हर महीने लगभग 7 लाख रुपये का डीजल लेता रहा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ..भुगतान अटका तो कारोबार पर असर पड़ा…पंप संचालक को उधार लेकर काम चलाना पड़ा.और अब कर्ज का ब्याज भारी पड़ने लगा है। हालात ऐसे हो गए कि खर्च घटाने के लिए उन्होंने अपनी गाड़ी छोड़कर साइकल पकड़ ली।
मामला ये है कि धमतरी नगर निगम ने सरकारी वाहनों में डीजल-पेट्रोल भरवाया, लेकिन लगभग 33 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं किया है परेशान होकर सौरभ नंदा ने अब नगर निगम को और उधार में पेट्रोल-डीजल देने से भी मना कर दिया है. वहीं इस मामले में निगम आयुक्त ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध पेट्रोल की क्राइसेस चल रही है जल्द ही भुगतान किया जाएगा..वही इस पूरे मामले पर नगर निगम की ओर से महापौर का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के नियमित भुगतान के लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्दी ही समस्या का निराकरण किया जाएगा
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नगर निगम द्वारा 33 लाख रुपये का भुगतान न करने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक पेट्रोल पंप संचालक (सौरभ नंदा) को अपनी कार-बाइक छोड़कर साइकिल से दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि सिस्टम की लेटलतीफी का बोझ आखिर कब तक आम कारोबारी उठाते रहेंगे और क्या समय रहते सौरभ नंदा को उनका हक मिल पाएगा…
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
