PM-Kisan Samman Nidhi : मृतकों के खाते में डाल दिए योजना के पैसे,खुलासे से मचा हड़कंप

रायपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिले से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच के दौरान 11 हजार से अधिक संदिग्ध किसानों की पहचान की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2,163 ऐसे लाभार्थियों के नाम भी सूची में मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद उनके खातों में लगातार राशि ट्रांसफर होती रही।
प्रारंभिक जांच में 1,310 किसान अपात्र पाए गए हैं। इनके नाम हटाने के लिए सूची मुख्यालय भेज दी गई है, जबकि शेष मामलों का सत्यापन अभी जारी है।
भौतिक सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा
जिले में योजना के तहत कुल 92,518 किसान पंजीकृत हैं। कृषि विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में सामने आया कि वर्षों तक न तो लाभार्थियों का सत्यापन किया गया और न ही परिजनों ने मृत्यु की जानकारी विभाग को दी। इस लापरवाही का फायदा उठाकर अपात्र और मृत किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान होता रहा।
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संदिग्ध खातों पर कार्रवाई
मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने संदिग्ध बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया है और विस्तृत जांच जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में बैंक खाते और मोबाइल नंबर तक बदल दिए गए, जिससे फर्जीवाड़ा लंबे समय तक चलता रहा।
हालिया किस्त में 18.71 करोड़ का भुगतान
हाल ही में जारी 22वीं किस्त के तहत जिले के किसानों के खातों में 18.71 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। अब पूरे डेटा की दोबारा जांच की जा रही है, ताकि अपात्र लोगों से राशि की वसूली की जा सके।
वहीं कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां लाभार्थी पात्र सूची में शामिल होने के बावजूद उनके खातों में राशि नहीं पहुंची है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
10 प्रतिशत लाभार्थियों की किस्त अटकी
सूत्रों के अनुसार, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश में करीब 10 प्रतिशत लाभार्थियों को वर्ष 2026 की किस्त अब तक नहीं मिली है। जबकि वे पात्र हैं और उनका पंजीयन भी पूरा है। इससे भूमिहीन मजदूरों, वनोपज संग्राहकों और पारंपरिक कार्यों से जुड़े लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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एक परिवार, एक लाभार्थी का नियम लागू
राजस्व अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत एक परिवार से केवल एक ही सदस्य को लाभ देने का प्रावधान है। पहले कई मामलों में एक ही परिवार के एक से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा था, जिसे अब सुधारते हुए ऐसे नाम सूची से हटाए गए हैं। इसके साथ ही 14 अलग-अलग मानकों पर पात्रता का पुनः सत्यापन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपात्र पाए गए।
नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
