मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का संकेत? : ईरान में 3000 टारगेट ध्वस्त, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा, तेहरान पर बरसे इजरायली बम भी

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को और तेज कर दिया गया है। कमांड के मुताबिक, ऑपरेशन के पहले ही सप्ताह में ईरान के अंदर 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका अपनी कार्रवाई धीमी करने के मूड में नहीं है और अभियान लगातार जारी रहेगा। इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया है।
वहीं इजरायली वायुसेना के 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने तेहरान और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में पहचाने गए लॉन्च साइट्स को भी निशाना बनाया गया, ताकि इजरायल के क्षेत्र की ओर होने वाली मिसाइल फायरिंग को कम किया जा सके। ईरान ने हाल ही में इजरायल पर सीमित संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले के दौरान मध्य इजरायल में सायरन बजने लगे। प्रारंभिक सैन्य आकलन के अनुसार, दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है। शुक्रवार को दिए बयान में ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश, खासकर इस्राइल, ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बाद ही किसी समझौते पर विचार करेंगे। ट्रंप ने “मेक ईरान ग्रेट अगेन” का नारा देते हुए कहा कि यदि ईरान आत्मसमर्पण करता है तो अमेरिका उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करने को तैयार है।
मारे जा चुके हैं ईरान के सर्वोच्च नेता
बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम 28 फरवरी को हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद शुरू हुआ। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइली संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इसके बाद इजरायल ने भी तेहरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान में नए सर्वोच्च नेता को लेकर चर्चा तेज
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नए सर्वोच्च नेता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भी व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला के राजनीतिक घटनाक्रम से की, जहां अमेरिका ने पहले भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई हो सकते हैं संभावित उत्तराधिकारी
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई संभावित उत्तराधिकारी हो सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने उन्हें कमजोर बताते हुए इस संभावना की आलोचना की है। वहीं ईरान सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि संभावित उम्मीदवारों को लेकर सामने आ रही खबरों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है और इन्हें सही नहीं माना जा सकता। फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
