सीजफायर की डेडलाइन करीब : अमेरिका–ईरान तनाव चरम पर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर खत्म होने में अब सिर्फ एक दिन बाकी है, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि अगर उसने बातचीत नहीं की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका और गहरा गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एक नए समझौते पर काम कर रहा है, जो Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) से बेहतर होगा।
ईरान का विरोध
वहीं, ईरान ने अमेरिका के इस रवैये का विरोध किया है। ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने दो टूक कहा कि दबाव और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई—जैसे जहाज जब्ती और समुद्री नाकेबंदी—को भी गलत ठहराया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस बीच, अमेरिका ने उपराष्ट्रपति JD Vance, Jared Kushner और दूत Steve Witkoff को पाकिस्तान भेजा है, जहां संभावित वार्ता की कोशिश की जा रही है। हालांकि ईरान ने साफ संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में वह बातचीत के लिए तैयार नहीं है। कुल मिलाकर, समयसीमा खत्म होने से पहले समाधान निकलता नहीं दिख रहा। अगर बातचीत विफल रहती है, तो मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं।
आलोक त्रिपाठी
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