खामोश हुईं सुरों की मलिका : आशा भोसले का निधन, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, संगीत की दुनिया का एक सुनहरा अध्याय समाप्त

भारतीय संगीत की अमर आवाज़ अब खामोश हो गई है। अपनी खनकती आवाज़ से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्षीय आशा भोसले ने रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका निधन मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुआ। शुरुआत में उन्हें सीने में संक्रमण और थकान की शिकायत थी, लेकिन इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर होती गई। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री और संगीत प्रेमियों के बीच गहरा दुख फैल गया है।
अंतिम संस्कार की जानकारी
आशा ताई के परिवार ने बताया की अंतिम संस्कार 13 तारीख को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए लोग सुबह 11 बजे से उनके घर पहुंच सकते हैं।

तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
शनिवार को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती खबरों में कार्डियक अरेस्ट और सीने में दिक्कत की बात सामने आई थी। हालांकि, उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया था कि उन्हें थकान और चेस्ट इंफेक्शन की समस्या थी।
संघर्ष से शिखर तक का सफर, 14 भाषाओं में गाए 12000 गाने
आशा भोसले का जाना सिर्फ एक गायिका का जाना नहीं, बल्कि संगीत के एक युग का अंत है। 8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा जी ने महज 9 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने कम उम्र में ही गाना शुरू किया। 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाल' से शुरुआत की और 1948 में फिल्म 'चुनरिया' से बॉलीवुड में कदम रखा। आशा भोसले का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए साथ ही कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया। जिनमें फिल्मी गीतों के अलावा, पॉप, गजल, भजन से लेकर शास्त्रीय संगीत तक शामिल है. उनके मशहूर गानों में “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा”, “चुरा लिया है तुमने” आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
उतार-चढ़ाव भरी रही निजी जिंदगी
आशा जी का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। उनकी पहली शादी महज 16 साल की उम्र में गणपतराव भोसले से हुई, जिसके कारण परिवार से दूरियां बढ़ गईं। हालांकि, यह शादी सफल नहीं रही और घरेलू हिंसा के कारण उन्होंने अलग होने का फैसला किया। बाद में उनकी जिंदगी में संगीतकार आर.डी. बर्मन आए। शुरुआत में इस रिश्ते का भी विरोध हुआ, लेकिन बाद में दोनों ने शादी की और साथ मिलकर कई यादगार गाने दिए।
सम्मान और उपलब्धियां
आशा भोसले को अपने शानदार करियर में कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया. पसाल 2000 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स और लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला। साथ ही वह ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामित होने वाली पहली भारतीय गायिका थीं।

सिनेमा जगत में शोक की लहर
आशा ताई के निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड और संगीत जगत में सन्नाटा पसर गया है। लता मंगेशकर के बाद, भोसले परिवार और भारतीय संगीत के लिए यह दूसरी सबसे बड़ी क्षति है। फैंस सोशल मीडिया पर ताई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
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