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अमेरिका-ईरान सीजफायर : पर्दे के पीछे से चीन ने चली चाल, ट्रंप के बदले सुर से शहबाज-मुनीर की खुली पोल!

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Apr 08, 2026
08:25 AM
पर्दे के पीछे से चीन ने चली चाल, ट्रंप के बदले सुर से शहबाज-मुनीर की खुली पोल!

नई दिल्ली। ईरान में अचानक हुए सीजफायर को लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे ने इस घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। ट्रंप का कहना है कि इस समझौते के पीछे चीन की गुप्त लेकिन बेहद अहम भूमिका रही है। उनके अनुसार, चीन ने सीधे तौर पर सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर कूटनीतिक चालें चलीं और ईरान को बातचीत के लिए तैयार किया।

बताया जा रहा है कि चीन ने पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों को माध्यम बनाकर ईरान तक अपने संदेश पहुंचाए। इन देशों के जरिए लगातार यह समझाया गया कि बढ़ता तनाव न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। इस बैकडोर डिप्लोमेसी ने आखिरकार वह रास्ता तैयार किया, जिससे सीजफायर संभव हो सका। एएफपी ने बातचीत में जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या तेहरान को युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए राजी करने में चीन की भूमिका थी, तो उन्होंने समाचार एजेंसी से कहा, मुझे हां सुनाई दिया।

चीन ने अब तक नहीं किया स्वीकार

दिलचस्प बात यह है कि चीन ने आधिकारिक तौर पर इस भूमिका को स्वीकार नहीं किया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सिर्फ इतना कहा कि सभी पक्ष ईमानदारी दिखाएं और जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करें। उन्होंने यह भी माना कि यह जंग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

पर्दे के पीछे का असली खिलाड़ी

बता दें कि एक महीने तक चले इस युद्ध के दौरान चीन खुलकर ईरान के समर्थन में उतरा। हालांकि, चीन की ओर से इस मामले पर बयानबाजी से ज्यादा कूटनीतिक रणनीति पर मेहनत की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जिस पाकिस्तान को युद्धविराम का श्रेय दे रहे हैं, उसने खुद इस महीने की शुरुआत में चीन से समर्थन मांगने के लिए संपर्क किया था।

पाकिस्तान की भूमिका पर सवालिया निशान

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के एक पोस्ट पर भी सवाल खड़े होने से युद्धविराम में उनकी भूमिका पर संशय बन गया है। इस पोस्ट में उन्होंने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई की समय सीमा को दो सप्ताह के लिए टालने का अनुरोध किया था। इस ट्वीट की शुरुआती लाइनों में ष्ड्राफ्ट - पाकिस्तान के पीएम का एक्स पर संदेशष् लिखा हुआ था। इससे शक गहराया कि यह संदेश किसी बाहरी देश द्वारा लिखा गया हो सकता है।

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