ट्रंप की पीस डील को इजराइयल ने दिखाया आईना : ईरान पर हमले को लेकर नेतन्याहू पर भड़के डोनाल्ड, दो टूक शब्दों में कही यह बात

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता आखिरी चरण में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रविवार को डील पर मुहर लग जाएगी। लेकिन इससे पहले इजराइल ने ट्रंप की दावे पानी फेर दिया है। इजराइली सेना ने रविवार को ही लेबनान की राजधानी बेरूत के दाहिया इलाके पर हमला बोल दिया है। हमला इतना भीषण था कि बेरूत के ऊपर धुएं के बड़े-बड़े बादल देखे गए। वहीं इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए। इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढऩे और संभावित डील पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस हमले से ईरान भड़क गया है। डील को टूटता देख अब खुद ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए इजराइल को दो टूक कह दिया है कह दिया यह हमला नहीं होना चाहिए था।
हमले के बाद आसमान में धुएं के घने बादल देखे गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह की ओर से उत्तरी इजरायल पर किए गए हमले के जवाब में की गई। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कार्रवाई उस समय नहीं होनी चाहिए थी, जब शांति समझौते की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन प्रतिक्रिया संतुलित होनी चाहिए।
ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा बढ़ाने के बजाय बातचीत को आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र में स्थायी शांति की शुरुआत हो सकती है।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान में इजरायल की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि मौजूदा हालात से निकलने के लिए बातचीत ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के शीर्ष सुरक्षा निकाय ने निर्णय लिया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाएगा, ताकि युद्ध और शांति के बीच बनी अस्थिर स्थिति से बाहर निकला जा सके।
तीन पक्षों के बीच बढ़ता टकराव
इस पूरे घटनाक्रम में तीन प्रमुख पक्ष सक्रिय हैं। पहला इजरायल, जो हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। दूसरा हिज्बुल्लाह, जो लेबनान में सक्रिय एक सशस्त्र समूह है और ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है। तीसरा पक्ष अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता है, जो अब इस हमले के बाद प्रभावित होती दिख रही है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
