ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखाई भारत की ताकत : मेलबर्न से मोदी का संदेश, रक्षा क्षमता, अंतरिक्ष मिशन और भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की उपलब्धियां गिनाईं

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम भारतीय समुदाय के लिए यादगार बन गया। करीब 30 हजार से अधिक प्रवासी भारतीयों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, मजबूत रक्षा क्षमता, अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों और भारत-ऑस्ट्रेलिया के गहरे होते संबंधों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नया भारत केवल तेजी से विकास नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी क्षमता और विश्वसनीयता भी लगातार साबित कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की रक्षा शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भारतीय रक्षा प्रणाली की क्षमता और भरोसे को स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की निर्णायक कार्रवाई देखी। उनके अनुसार, आतंकियों के ठिकानों पर हुए सटीक हमलों की गूंज केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सैन्य क्षमता का संदेश पहुंचा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अब पहले से कहीं अधिक सशक्त और सक्षम होकर कार्रवाई कर रहा है।
अंतरिक्ष से अर्थव्यवस्था तक भारत की उड़ान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चंद्रयान मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान की सफल लैंडिंग ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में नई पहचान दिलाई है। अब देश गगनयान मिशन और अपना अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
डिजिटल इंडिया और तकनीकी सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के अधिकांश हिस्से तक इसकी पहुंच बन चुकी है। उन्होंने डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, वैक्सीन मैत्री और वैश्विक संकटों के दौरान भारत द्वारा निभाई गई मानवीय भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज तकनीक आधारित विकास मॉडल के साथ दुनिया के लिए एक विश्वसनीय साझेदार बनकर उभरा है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिली नई गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने टाटा समूह द्वारा ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के माध्यम से उपग्रह प्रक्षेपण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए इसे तकनीकी सहयोग का नया उदाहरण बताया।
प्रवासी भारतीयों को बताया सबसे मजबूत कड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि मेलबर्न के कई क्षेत्रों को लोग ‘लिटिल इंडिया’ और ‘मिनी इंडिया’ के नाम से जानते हैं, जहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका प्रवासी भारतीय निभा रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच "जीवंत पुल" बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी और लोगों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया।
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