बुधवार, 28 अक्टूबर 202610:51:05 PM
Download App
Home/लाइफस्टाइल

करवाचौथ पर सरगी की थाली में क्या रखें? : सुबह सूर्योदय से पहले खाएं ये 5 चीजें, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 28, 2026
07:37 AM
सुबह सूर्योदय से पहले खाएं ये 5 चीजें, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी

नई दिल्ली। करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत की शुरुआत सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है, जबकि चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। ऐसे में सरगी की थाली में सही खाद्य पदार्थ शामिल करना धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

सरगी की थाली में शामिल करें ये 5 चीजें

1. ताजे और मौसमी फल

सरगी में सेब, केला, अनार और दूसरे मौसमी फल शामिल कर सकती हैं। इनमें मौजूद विटामिन, खनिज और फाइबर शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करते हैं। केला जैसे फल ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

2. बादाम और दूसरे सूखे मेवे

बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश को सीमित मात्रा में सरगी का हिस्सा बनाया जा सकता है। इनमें स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में सहायक हैं।

3. दूध और फेनी

कई परिवारों में करवाचौथ की सरगी में दूध के साथ फेनी या मीठी सेवईं खाने की परंपरा है। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि फेनी शरीर को ऊर्जा देती है।

4. पौष्टिक और संतुलित भोजन

सरगी में पराठा, रोटी, दलिया या अन्य पसंदीदा भोजन शामिल किया जा सकता है। साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं।

5. पर्याप्त पानी

निर्जला व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। सरगी में बहुत ज्यादा नमकीन, तला-भुना और तीखा भोजन खाने से बचें, क्योंकि इससे प्यास बढ़ सकती है।

सूर्योदय से पहले खाएं सरगी

परंपरा के अनुसार, सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है। इसलिए 29 अक्टूबर को अपने शहर के स्थानीय सूर्योदय के समय के अनुसार सरगी खाने की तैयारी करें। भोजन में अपनी भूख और जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा रखें।

सेहत का भी रखें खास ध्यान

निर्जला व्रत हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता। गर्भवती महिलाओं, मधुमेह से पीड़ित लोगों, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं और नियमित दवाएं लेने वालों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। व्रत के दौरान तेज कमजोरी, चक्कर या तबीयत बिगड़ने पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।

याद रखें: सरगी का उद्देश्य परंपरा निभाने के साथ दिन की शुरुआत बेहतर तरीके से करना है। पौष्टिक भोजन और पर्याप्त पानी लेने से व्रत शुरू करने से पहले शरीर को ऊर्जा और हाइड्रेशन मिल सकता है, हालांकि लंबे समय तक बिना पानी के रहने से होने वाली परेशानी को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें