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गैस, कब्ज और एसिडिटी से हैं परेशान? : बिना दवा पेट को रखें दुरुस्त, रोज करें ये 10 योगासन; पाचन तंत्र रहेगा मजबूत

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 30, 2026
08:16 AM
बिना दवा पेट को रखें दुरुस्त, रोज करें ये 10 योगासन; पाचन तंत्र रहेगा मजबूत

नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और घंटों बैठे रहने की आदत ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। गैस, कब्ज, अपच और एसिडिटी जैसी पेट की समस्याएं आम हो गई हैं। तनाव और नींद की कमी भी पाचन तंत्र को प्रभावित करती है। ऐसे में नियमित योगाभ्यास पेट की सेहत सुधारने में सहायक हो सकता है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए 10 प्रमुख योगासन बताए हैं।

1. नाड़ी शोधन प्राणायाम

इसे अनुलोम-विलोम भी कहते हैं। इसमें बारी-बारी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस ली और छोड़ी जाती है। इससे तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद मिलती है, जिसका सकारात्मक असर पाचन पर पड़ सकता है।

2. ताड़ासन: सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है। इससे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और शरीर सक्रिय रहता है।

3. त्रिकोणासन: दोनों पैरों के बीच दूरी बनाकर खड़े हों और एक तरफ झुककर हाथ से पैर छूने का प्रयास करें। इससे पेट और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है।

4. कपालभाति: इसमें पेट की मांसपेशियों को अंदर खींचते हुए तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती है। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, हर्निया और पेट के अल्सर से पीड़ित लोग इसे विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।

5. वज्रासन: घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें और रीढ़ सीधी रखें। इसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन संबंधी परेशानी में सहायक हो सकता है।

6. पवनमुक्तासन: पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को पेट की ओर लाएं। इससे पेट पर हल्का दबाव पड़ता है और गैस की परेशानी में राहत मिल सकती है।

7. उष्ट्रासन: घुटनों के बल बैठकर शरीर को पीछे की ओर मोड़ें और हाथों से एड़ियां पकड़ने का प्रयास करें। इससे पेट के सामने वाले हिस्से में खिंचाव आता है।

8. भुजंगासन: पेट के बल लेटकर हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर उठाएं। इससे पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और शरीर का लचीलापन बढ़ता है।

9. मंडूकासन: वज्रासन में बैठकर मुट्ठियां नाभि के पास रखें और सांस छोड़ते हुए आगे झुकें। इससे पेट पर हल्का दबाव पड़ता है। पेट की सर्जरी या कमर दर्द होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।

10. शशांकासन: वज्रासन में बैठकर शरीर को आगे झुकाएं और माथे को जमीन पर टिकाने का प्रयास करें। यह शरीर को आराम देने और मानसिक तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

योग करते समय रखें सावधानी

विशेषज्ञ की देखरेख में योग करना बेहतर है। सभी आसन अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें। किसी भी आसन से दर्द या परेशानी होने पर तुरंत रुक जाएं। गर्भावस्था, गंभीर बीमारी या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। याद रखें, योग स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है, यह पेट की बीमारियों के इलाज या चिकित्सकीय दवाओं का विकल्प नहीं है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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