छात्रों ने उठाई आवाज : रीवा में BAMS इंटर्न छात्रों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड में भेदभाव का लगाया आरोप

रीवा। शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में BAMS इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड में कथित भेदभाव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगें शासन और प्रशासन के सामने रखीं। छात्रों ने पोस्टर और तख्तियां लेकर समान स्टाइपेंड की मांग उठाई।
MBBS और BAMS इंटर्न के स्टाइपेंड में अंतर का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि अस्पताल में प्रशिक्षण के दौरान MBBS और BAMS इंटर्न को जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, लेकिन दोनों के स्टाइपेंड में बड़ा अंतर है।छात्रों के मुताबिक, MBBS इंटर्न को करीब 21,500 रुपये प्रतिमाह, जबकि BAMS इंटर्न को करीब 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। छात्रों ने इसी अंतर को भेदभाव बताते हुए दोनों के लिए समान स्टाइपेंड की मांग की है।

पोस्टर लेकर छात्रों ने उठाई आवाज
धरने के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पोस्टरों पर “एक आपात, एक अधिकार”, “स्टाइपेंड बने समान” और “उचित स्टाइपेंड—हमारा अधिकार” जैसे स्लोगन लिखे थे। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

मांग पूरी होने तक धरने पर बैठने की बात
प्रदर्शनकारी BAMS इंटर्न छात्रों ने सरकार और संबंधित विभाग से स्टाइपेंड की समीक्षा करने और MBBS इंटर्न के समान स्टाइपेंड दिए जाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन के जरिए छात्रों ने अपनी मांगों को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की है। फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन के बाद सभी की नजर शासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
