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दिग्गी की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का आगाज : 930 किमी पदयात्रा को मिला समर्थन, उठे विरोध के स्वर भी

admin

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Oct 20, 2026
09:56 AM
930 किमी पदयात्रा को मिला समर्थन, उठे विरोध के स्वर भी

उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्राÓ का विजयादशमी से आगाह हो गया है। उज्जैन से शुरू हुई करीब 930 किलोमीटर की यह पदयात्रा 70 दिनों में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी। कन्या पूजन और भोजन प्रसादी के बाद दोपहर करीब 1:15 बजे यात्रा रवाना हुई। इसमें शिव-पार्वती की झांकी, एलईडी वाहन, भजन मंडली, बैंड दल, राष्ट्रीय ध्वज, धर्म ध्वज और साधु-संतों का काफिला शामिल रहा। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कानीपुरा पहुंचेगी।

कांग्रेस नेता की इस लंबी पदयात्रा को लेकर विरोध और समर्थन दोनों के ही स्वर दिखाई दिए। यात्रा को जहां राष्ट्रीय हिंगलाज सेना और ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम का समर्थन मिला है। मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने इस पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया की चुनाव नजदीक आते ही भगवान राम की याद क्यों आ रही है और अब उन्हें न्याय दिलाने का संकल्प क्यों लिया जा रहा है।

हिंगलाज सेना ने किया समर्थन

राष्ट्रीय हिंगलाज सेना की अध्यक्ष लक्ष्मीमणि शास्त्री ने यात्रा की सराहना करते हुए इसकी सफलता की कामना की है। इससे पहले ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से भी पदयात्रा के समर्थन में संदेश भेजा गया था। इन संदेशों में सत्य, करुणा, न्याय और सामाजिक समरसता को सनातन धर्म के मूल मूल्य बताते हुए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

चंदे की कथित चोरी से इतनी तकलीफ हुई कि राम को इंसाफ दिलाने निकल पड़े

वहीं हर्षा रिछारिया ने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, तब वैसा उत्साह दिखाई नहीं दिया, जैसा अब मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल उठाने में दिख रहा है। उन्होंने पूछा कि चुनाव नजदीक आते ही भगवान राम की याद क्यों आ रही है और अब उन्हें न्याय दिलाने का संकल्प क्यों लिया जा रहा है। हर्षा ने दिग्विजय सिंह का सीधे नाम लेने के बजाय उन्हें मध्य प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री कहा। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर चली लंबी कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए विपक्ष पर मंदिर निर्माण के फैसले का विरोध करने का आरोप लगाया।

हर्षा ने तंज कसते हुए कहा कि राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी से इतनी तकलीफ हुई कि अब भगवान राम को इंसाफ दिलाने निकल पड़े हैं। उन्होंने यात्रा की मंशा पर सवाल उठाते हुए चुनाव नजदीक आने और किसी को पद दिलाने जैसी संभावनाओं का भी जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि यात्रा निकालने वाले की मंशा पूरी होगी या नहीं, यह उन्हें नहीं पता, लेकिन देश के लिए जो उचित होगा, वही होगा।

गणेश दर्शन और पार्थिव शिवलिंग पूजन के बाद शुरुआत

यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे बालाजी गार्डन पहुंचे, जहां संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और पूजन किया गया। आयोजन में राम और शिव के भजनों के बीच धार्मिक अनुष्ठान हुए। दिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

लोगों के सहयोग से चलेगी यात्रा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि यात्रा में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। 25 नवंबर तक उत्तर प्रदेश पहुंचने के दौरान नाश्ते और भोजन की व्यवस्था में भी लोग योगदान देंगे। कांग्रेस विधायक महेश परमार के अनुसार, छोटे पड़ावों पर प्रतिदिन 20 से 30 हजार रुपये और बड़े पड़ावों पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। पूरी यात्रा पर करीब 30 से 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इस यात्रा के धार्मिक उद्देश्य, मंदिरों की व्यवस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवाल और हर्षा रिछारिया की टिप्पणी ने शुरुआत से ही इसे चर्चा में ला दिया है।

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