पंजाब में नशे के कारोबार पर अमित शाह का आप पर हमला, : बोले- राजनीतिक संरक्षण के बिना युवाओं तक नहीं पहुंच सकता चिट्टा, पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद घेरा

लुधियाना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी खेपों का राज्य के युवाओं तक पहुंचना संभव नहीं है। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि आखिर राज्य में नशे का कारोबार क्यों नहीं रुक रहा है।
तीन पीड़ित परिवारों से मिलकर जताया दुख
अमित शाह ने मंगलवार को गुरदासपुर, संगरूर और मानसा का दौरा कर नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इनमें गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा शामिल हैं। शाह ने कहा कि इन परिवारों से मिलने के बाद उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रभावित परिवारों को सरकार से जवाब मिलना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर पंजाब की धरती से वह राज्य और देश के लोगों को शुभकामनाएं देना चाहते हैं, लेकिन इन परिवारों की पीड़ा ने उन्हें झकझोर दिया है।
पांच साल बाद भी नशे पर लगाम नहीं
शाह ने आरोप लगाया कि आप ने सत्ता में आने से पहले तीन महीने में नशे का कारोबार खत्म करने का वादा किया था, लेकिन पांच साल बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसी ने बेटा, किसी ने भाई तो किसी ने पति खोया है। सरकार को इन परिवारों के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका पंजाब दौरा किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं था। वह शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे थे। शाह ने सरकार से अपील की कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर चिट्टे के खतरे को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
बंदरगाहों पर जब्ती के बाद पंजाब कैसे पहुंच रहा नशा?
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर नशीले पदार्थों की बरामदगी के सवाल पर शाह ने कहा कि अब तक करीब 20 हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़ी खेपें पकड़ी जा रही हैं, तो नशा छोटी खेपों में पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुंच रहा है।
पीआईटी-एनडीपीएस कानून पर भी घेरा
शाह ने पीआईटी-एनडीपीएस कानून का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में इसके तहत 929 मामले दर्ज किए गए, जबकि पंजाब में इस कानून के तहत एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत बताई।
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