ईसी के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल : दशहरे पर जलाया सीईसी का पुतला, लोकतंत्र की रक्षा का दोहराया संकल्प

भोपाल। देशभर में दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का दहन कर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। वहीं, राजधानी भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस पर्व को राजनीतिक विरोध के रूप में मनाया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'लोकतंत्र का रावणÓ बताते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। इतना ही नहीं कार्यकर्ताओं ने सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखने की बात कहते हुए दशहरे के पर्व पर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प भी दोहराया।
जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने दशहरे के अवसर पर पुतला दहन कर प्रतीकात्मक रूप से लोकतंत्र में व्याप्त कथित बुराइयों के अंत का संदेश दिया। दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह अहंकार, अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का भी प्रतीक है। इसी विचार को आधार बनाकर कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त के पुतले का दहन किया।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
प्रवीण सक्सेना ने आरोप लगाया कि हालिया चुनावों में पारदर्शिता का अभाव रहा है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव व्यवस्था का निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होना जरूरी है। यदि चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास प्रभावित होता है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव प्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान नहीं होता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी।
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