रिटायर्ड आईएएस की हत्या केस में बड़ी सफलताः : आगरा से धराया आरोपी, भोपाल लाते समय भिड़ा पुलिस से, एक महीने से दे रहा था चकमा

भोपाल। राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के दिन से फरार मुख्य आरोपी केयर टेकर वरुण को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। उसे उत्तरप्रदेश के आगरा से मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया। हालांकि, भोपाल लाते समय सुबह करीब 5 बजे उसने पुलिस से झूमा झटकी कर भागने की भी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लग गई और पुलिस ने वरुण को काबू में कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तड़के पांच बजे पुलिस से भिड़ा आरोपी
जानकारी के मुताबिक आगरा से गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उसे भोपाल लेकर आ रही थी। इसी दौरान मंगलवार सुबह करीब पांच बजे मुगालिया छाप के पास वरुण ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। उसने पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी की और मौके से भागने लगा। पुलिस ने उसे रोकने के लिए कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे पकड़कर हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया।
हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी पुलिस
अब पुलिस की पूछताछ में इस हत्याकांड के कई अहम राज खुलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राकेश अग्रवाल की हत्या के पीछे क्या वजह थी। क्या आरोपी ने पहले से साजिश रची थी या किसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया? इसके अलावा हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
30 सितंबर की रात घर में हुई थी वारदात
मामला भोपाल के सूरज नगर इलाके का है। यहां 30 सितंबर की रात रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर शक गहराया और वह अचानक गायब हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी मानकर तलाश शुरू कर दी। हाईप्रोफाइल हत्याकांड होने के कारण पुलिस पर आरोपी की गिरफ्तारी का दबाव लगातार बढ़ रहा था। उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें मध्यप्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी भेजी गईं।
प्रफुल्ल तिवारी
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