यह पार्टी का फैसला : टिकट कटने के बाद नरोत्तम ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, समर्थकों से संयम बरतने की अपील, भोपाल भाजपा कार्यालय की बढ़ी सुरक्षा

दतिया-भोपाल। दतिया जिले में शनिवार को उस समय हिंसा भड़क गई जब मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भाजपा ने उपचुनाव में टिकट देने से परहेज कर दिया। टिकट कटने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जिले भर में उग्र प्रदर्शन किया। समर्थकों ने जहां रातभर हाइवे जमा रखा, तो वहीं पुलिस पर भी जमकर पथराव किया। इन हमलों में कई पुलिस अधिकारी- जवान घायल भी हुए हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम पर नरोत्तम मिश्रा ने चुप्पी तोड़ दी है। साथ ही समर्थकों से शाति बनाए रखने की अपील की है। बता दें कि नरोत्तम ने प्रत्याशी की घोषणा से पहले नामांकन फार्मखरीद लिया था, लेकिन भाजपा संगठन ने उनको टिकट न देकर संघ पृष्ठ भूमि के आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव के मैदान पर उतार दिया है। संगठन के इस कदम से नरोत्तम के समर्थकों गुस्सा फूट पड़ा।
पार्टी का फैसला स्वीकार करेंः नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, मैंने कल भी विस्तार से कहा था और आज भी कह रहा हूं कि यह पार्टी का निर्णय है। अपनी बात पार्टी के मंच पर रखी जाती है, इस तरह आक्रोश व्यक्त नहीं किया जाता। मैं सभी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से निवेदन करना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, वे इस प्रकार का कोई भी कार्य न करें। साथ ही, किसी भी सड़क या रास्ते को अवरुद्ध न करें।
12 घंटे हाईवे जाम, पथराव से बिगड़े हालात
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को करीब 12 घंटे तक जाम रखा। वहीं बाजार बंद कराने की कोशिश की और आचार संहिता लागू होने के बावजूद कानून-व्यवस्था भंग की। पथराव में एसपी सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
भोपाल भाजपा कार्यालय की सुरक्षा बढ़ी
दतिया की घटना के बाद राजधानी भोपाल में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और परिसर में आने-जाने वालों की सघन निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही प्रदेश के संवेदनशील जिलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दतिया उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर उभरा यह असंतोष अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
