मंगलवार, 30 जून 202606:44:29 PM
Download App
Home/देश

500 करोड़ की जमीन आवंटन पर कांग्रेस में संग्राम : जीतू के आरोपों के बाद दिग्गी की ऐसी सफाई ने छेड़ी नहीं बहस

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 30, 2026
07:43 AM
जीतू के आरोपों के बाद दिग्गी की ऐसी सफाई ने छेड़ी नहीं बहस

भोपाल। उज्जैन में वीर भारत न्यास को सरकारी जमीन आवंटित किए जाने के मामले में सियासत गरमाई हुई है। इस मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों आमने-सामने हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को घेरने में जुटी कांग्रेस के अंदर ही घमासान छिड़ गया है। एक ओर जहां पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं, तो वहीं पार्टी के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह ने इस मामले में सीएम मोहन को क्लीनचिट देते हुए कहा है कि न्यास को जमीन नियमों के तहत दी गई है। हालांकि अब दिग्गी अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा है कि उनका मकसद जीतू का विरोध करना नहीं, तथ्यों को स्पष्ट करना था।

दिग्विजय बोले- ट्रस्ट निजी नहीं, शासकीय है

बता दें कि जीतू पटवारी के आरोपों के बाद उज्जैन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में दिग्विजय सिंह ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि जिस वीर भारत न्यास की चर्चा हो रही है, वह निजी संस्था नहीं बल्कि सरकार द्वारा गठित शासकीय ट्रस्ट है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की संरचना और संचालन सरकारी व्यवस्था के तहत होता है, इसलिए इसे निजी ट्रस्ट बताकर आरोप लगाना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

जीतू हमारे नेता, पुत्र समान हैं

विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर विस्तार से सफाई दी। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और उनके नेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीतू उनके पुत्र के समान हैं। दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष को ट्रस्ट की वास्तविक प्रकृति की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्य सामने रखे।

जीतू पटवारी ने लगाए थे गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार पर आरोप लगाया था कि उज्जैन में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन एक निजी ट्रस्ट को मात्र एक रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर आवंटित कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस ट्रस्ट से मुख्यमंत्री के एक सलाहकार जुड़े हुए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

भाजपा को मिला हमला बोलने का मौका

कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयानों को लेकर भाजपा ने पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बयान ही एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, जिससे विपक्ष के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें