वंदे मातरम को लेकर भूपेश ने सीएम साय को दी चुनौती : एलपीजी संकट को लेकर बरसे केन्द्र सरकार पर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने शनिवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ‘वंदे मातरम’ संबंधी बयान पर भी भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हर सभा और सम्मेलन की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ तथा राष्ट्रगान से होती है और कार्यक्रम का समापन भी इन्हीं के साथ किया जाता है।
बघेल ने मुख्यमंत्री साय को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को बिना किसी लिखित पाठ के पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए कहें। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा अपने किस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का गायन करती है, इसका उदाहरण भी जनता के सामने रखा जाए।
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर दिया संतुलित जवाब
वहीं कर्नाटक की राजनीति में चल रही चर्चाओं के बीच जब उनसे डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। बघेल ने कहा कि विधायक दल की बैठक और पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही कोई टिप्पणी करना उचित होगा।
एलपीजी और ईंधन संकट को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार द्वारा तेल कंपनियों को 30 दिनों का एलपीजी भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी देखी जा रही है और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की चुनौती भी बनी हुई है। बघेल ने कहा कि राज्य सरकार को इन जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री इस विषय पर मौन हैं। उन्होंने किसानों, ट्रांसपोर्टरों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
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