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मैदानों में झुलसाती गर्मी, पहाड़ों में सैलाब : उत्तर भारत के हिल स्टेशनों पर बेहिसाब भीड़ से हालात बेकाबू, प्रशासन के लिए लंबा जाम बना चुनौती

admin

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May 30, 2026
10:15 AM
उत्तर भारत के हिल स्टेशनों पर बेहिसाब भीड़ से हालात बेकाबू, प्रशासन के लिए लंबा जाम बना चुनौती

नई दिल्ली। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आसपास के कई शहरों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। लू और उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके चलते हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर इस समय अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिल रही है।

मनाली, रोहतांग, नैनीताल, कैंचीधाम, जोशीमठ, औली और चारधाम यात्रा मार्गों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं का भारी दबाव है। होटल लगभग फुल हैं, सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है और प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना लगातार चुनौती बनता जा रहा है।

मनाली-रोहतांग मार्ग पर घंटों का जाम, सफर हुआ दोगुना लंबा

हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग क्षेत्र में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मई के अंतिम दिनों में भी रोहतांग दर्रे में बर्फ देखने की चाहत लोगों को आकर्षित कर रही है।

लेकिन इस भीड़ का सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है। मनाली-रोहतांग मार्ग पर कई जगहों पर 5 किलोमीटर तक लंबा जाम लग रहा है। सामान्यतः 50 किलोमीटर की दूरी जो कुछ घंटों में तय हो जाती थी, वह अब 7 से 8 घंटे तक लग रही है।

मनाली-रोहतांग से नैनीताल और चारधाम तक भीषण जाम. (Photo: Screengrab)

पर्यटकों को रास्ते में घंटों फंसे रहना पड़ रहा है। कई लोगों ने शिकायत की है कि वे सुबह निकले और दोपहर बाद ही अपने गंतव्य तक पहुंच पाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग और यातायात नियमों की अनदेखी जाम की सबसे बड़ी वजह है।

नैनीताल में पर्यटन चरम पर, होटल हाउसफुल

उत्तराखंड की प्रसिद्ध सरोवर नगरी नैनीताल में भी पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। वीकेंड के दौरान माल रोड, स्नो व्यू, चिड़ियाघर और केव गार्डन जैसे स्थानों पर दिनभर भीड़ बनी रही।

नैनी झील में बोटिंग के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और पर्यटक घंटों इंतजार कर रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार को बड़ा फायदा हुआ है, लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या भी गंभीर हो गई है।

कालाढूंगी रोड, भवाली रोड और शहर के एंट्री पॉइंट्स पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई पर्यटकों ने बताया कि उन्हें छोटे-छोटे रास्तों पर भी घंटों फंसना पड़ रहा है।

कैंचीधाम में श्रद्धालुओं का सैलाब

नैनीताल के पास स्थित कैंचीधाम में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में स्थापना दिवस को देखते हुए प्रशासन पहले से ही भीड़ नियंत्रण की तैयारियों में जुटा है। यहां पार्किंग और भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती बन चुके हैं।

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जोशीमठ और चारधाम मार्गों पर 20 किलोमीटर तक जाम

उत्तराखंड के चमोली जिले में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सड़क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जोशीमठ क्षेत्र में मारवाड़ी से गोविंदघाट और जोशीमठ से सेलंग तक कई जगहों पर 15 से 20 किलोमीटर तक लंबा जाम लग रहा है। यात्रियों को कई बार घंटों तक एक ही स्थान पर इंतजार करना पड़ रहा है।

हालांकि प्रशासन ने वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया है, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है।

बारिश और बर्फबारी के बीच भी जारी है श्रद्धा का सफर

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। बद्रीनाथ धाम में अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हेमकुंड साहिब में भी बर्फीले मौसम के बीच श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर बुजुर्ग और बच्चों को हाथ पकड़कर सुरक्षित तरीके से रास्ता पार कराया जा रहा है।

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पर्यटन उद्योग को भारी लाभ, लेकिन चुनौतियां भी बढ़ीं

पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ का सीधा फायदा होटल, टैक्सी, होमस्टे और स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। लगभग सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल फुल चल रहे हैं। हालांकि ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कई पर्यटक समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे असंतोष भी देखने को मिल रहा है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में स्थायी पार्किंग व्यवस्था, बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की जरूरत और बढ़ेगी। यदि इसी तरह पर्यटकों की संख्या बढ़ती रही तो पहाड़ी राज्यों में पर्यटन प्रबंधन को और मजबूत ढांचे की आवश्यकता होगी, ताकि भीड़ और सुविधा दोनों के बीच संतुलन बना रहे।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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