जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंजा मंदिर, : भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा, विशेष शृंगार के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। अलसुबह हुई इस दिव्य आरती के दर्शन के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष, शंखध्वनि, घंटियों और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। बाबा के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो गए।
ढोल-नगाड़ों के साथ खुले मंदिर के पट
परंपरा के अनुसार शनिवार तड़के सबसे पहले भगवान वीरभद्र से आज्ञा ली गई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच मंदिर के पट खोले गए। भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया। इस दौरान पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया और प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया।
चंदन, चंद्रमा और बेलपत्र से हुआ विशेष शृंगार
पूजन के दौरान कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद भगवान का चंदन से विशेष शृंगार किया गया। चंद्रमा और बेलपत्र अर्पित कर बाबा को मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती की शुरुआत हुई। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
रात से ही दर्शन के लिए कतारों में लगे श्रद्धालु
बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु रात से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। सुबह होते-होते दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आरती के दौरान हर ओर जय श्री महाकाल के जयकारे सुनाई देते रहे।
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