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स्वाति मालीवाल का बीजेपी में धमाकेदार प्रवेश : पीएम मोदी के तारीफ में पढ़ीं कसीदें, केजरीवाल पर लगाए उत्पीड़न और दबाव के गंभीर आरोप

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Apr 25, 2026
10:06 AM
पीएम मोदी के तारीफ में पढ़ीं कसीदें, केजरीवाल पर लगाए उत्पीड़न और दबाव के गंभीर आरोप

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) को एक बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा की। मालीवाल के इस फैसले ने दिल्ली की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैंने आप छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गई हूं। मालीवाल ने रचनात्मक राजनीति करने के इच्छुक सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की। इस दौरान उन्होंने जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। वहीं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला भी बोला।

भाजपा में शामिल होने के बाद स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्होंने यह कदम किसी दबाव में नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों पर विश्वास के कारण उठाया है। उन्होंने दावा किया कि वे लंबे समय से रचनात्मक राजनीति की पक्षधर रही हैं और उन्हें लगता है कि भाजपा इस दिशा में बेहतर मंच प्रदान करती है।

केजरीवाल पर तीखे आरोप

इस मौके पर मालीवाल ने आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे 2006 से केजरीवाल के साथ जुड़ी थीं और पार्टी के कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन समय के साथ परिस्थितियाँ बदल गईं।

केजरीवाल के घर में मुझे शारीरिक रूप से किया गया प्रताड़ित

मालीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके ही घर में कथित रूप से एक व्यक्ति द्वारा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, और जब उन्होंने इस मामले में आवाज उठाई तो उन पर दबाव बनाने और धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे एफआईआर वापस लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें संसद में पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

मोदी-शाह की जमकर की तारीफ

भाजपा नेतृत्व की तारीफ करते हुए मालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास और सुरक्षा के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और महिला आरक्षण विधेयक जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों की सराहना की।

मालीवाल ने अंत में कहा कि उनका यह निर्णय व्यक्तिगत अनुभवों और राजनीतिक विश्वास पर आधारित है, और वे चाहती हैं कि जो लोग “रचनात्मक राजनीति” करना चाहते हैं, वे भाजपा से जुड़ें। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और दिल्ली की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

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